भारतीय नौसेना-वायुसेना ने सोमाली डाकुओं से छुड़ाया ईरानी जहाज, 20 लोग सुरक्षित
भारतीय नौसेना और वायुसेना ने एक साझा ऑपरेशन चलाकर सोमाली डाकुओं के चंगुल से ईरानी जहाज 'अज़िनी' और उसके 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया।

सोमालिया तट: भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना ने एक बड़े साझा ऑपरेशन के जरिए सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा हाईजैक किए गए ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज 'अज़िनी' को सुरक्षित छुड़ा लिया है। इस मिशन के दौरान जहाज पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
यह घटना 29 अक्टूबर, 2026 को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट पर बंदर बायला और हाफुन के बीच हुई थी। करीब 12 हथियारबंद सोमाली डाकुओं ने इस ईरानी जहाज पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सुरक्षा बलों ने 48 घंटे तक चले एक समन्वित अभियान के बाद 2 नवंबर, 2026 को इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
मिशन के लिए भारतीय नौसेना ने अपने युद्धपोत INS कोलकाता को तैनात किया था। जहाज की सटीक लोकेशन ट्रैक करने के लिए P-8I और सी गार्जियन जैसे समुद्री निगरानी विमानों का इस्तेमाल किया गया।
इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक मदद दी। वायुसेना के C-17 विमान का उपयोग कर विशिष्ट उपकरणों को हवा से सटीक तरीके से गिराया गया, ताकि मारकोस (MARCOS) कमांडो अपना मिशन अंजाम दे सकें।
अधिकारियों ने बताया कि समुद्री डाकू 'अज़िनी' जहाज का इस्तेमाल 'मदर शिप' के तौर पर करना चाहते थे। इसके जरिए उनकी योजना पश्चिमी हिंद महासागर में वाणिज्यिक जहाजों पर और अधिक हमले करने की थी।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मिशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन समुद्री खतरों के प्रति भारतीय नौसेना की उच्च परिचालन तत्परता और निर्णायक प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास ने भारतीय सरकार और सेना का औपचारिक आभार व्यक्त किया है। दूतावास के मुताबिक यह बचाव कार्य दोनों देशों के बीच मित्रता और एकजुटता का प्रतिबिंब है।
यूरोपीय संघ के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर - इंडियन ओशन (MSCIO) ने आधिकारिक तौर पर इस घटना को बंद (closed) घोषित कर दिया है। हालांकि कुछ क्षेत्रीय रिपोर्टों में जहाज पर 23 लोगों के होने की बात कही गई थी, लेकिन आधिकारिक भारतीय रिपोर्टों ने 20 चालक दल के सदस्यों के सुरक्षित बचाव की पुष्टि की है।