भारतीय पायलट ने बीच हवा में जान बचाई

Pankhuri Motani2 October 20262 min read0 viewsUAE
भारतीय पायलट ने बीच हवा में जान बचाई

आसमान की ऊंचाइयों पर जब मौत सामने खड़ी हो, तब एक सच्चे हीरो की पहचान होती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया दुबई में रहने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मीत मच्छड़ ने, जिन्होंने एक भयावह स्थिति का सामना करते हुए फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार 174 यात्रियों की जान बचा ली। उनकी यह बहादुरी और सूझबूझ पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है।

क्या थी पूरी घटना?

यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के दौरान हुई, जो दुबई से इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद, जब विमान आसमान में था, तब अचानक कॉकपिट के भीतर एक अप्रत्याशित संकट आ गया। सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मीत मच्छड़ पर हमला कर दिया और उन्हें चाकू मार दिया। इस अचानक हुए हमले से विमान का नियंत्रण डगमगा गया और विमान तेजी से 33,000 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरने लगा।

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बहादुरी और सूझबूझ का परिचय

सिर और हाथ में गंभीर चोट लगने के बावजूद, कैप्टन मच्छड़ ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे क्रू मेंबर और विमान में यात्रा कर रहे दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलट अंदर आ सके। उन्होंने तुरंत हमलावर को काबू में किया और विमान को संभाला। इसके बाद कैप्टन मच्छड़ ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया।

वैश्विक स्तर पर सराहना

इस बड़ी दुर्घटना को टालने वाले भारतीय पायलट की हर तरफ सराहना हो रही है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छड़ को एक हीरो बताया है, वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके दृढ़ संकल्प की सराहना की है। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए अबू धाबी स्थानांतरित कर दिया गया, जहां भारतीय राजदूत ने पुष्टि की कि उनकी स्थिति अब स्थिर है और वह तेजी से रिकवर कर रहे हैं।

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