Flydubai attack: कैप्टन स्मित मच्छड़ को इजरायल का सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए - शारेन हशकेल

Aanya2 October 20262 min read0 viewsUAE
Flydubai attack: कैप्टन स्मित मच्छड़ को इजरायल का सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए - शारेन हशकेल

आसमान में अचानक आई एक भयानक मुसीबत के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छड़ की बहादुरी की चर्चा हर तरफ हो रही है। इस साहसी कदम ने न केवल यात्रियों को सुरक्षित जमीन पर उतारा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गहरी छाप छोड़ी है। अब इजरायल की पूर्व उप विदेश मंत्री शारेन हशकेल ने कैप्टन स्मित मच्छड़ को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने उन्हें इजरायल का प्रतिष्ठित 'मेडल ऑफ ऑनर' देने की मांग की है।

एक साक्षात्कार के दौरान शारेन हशकेल ने कैप्टन मच्छड़ के अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद खतरनाक परिस्थिति में जिस तरह का नियंत्रण दिखाया और अपनी जान जोखिम में डालकर कॉकपिट का दरवाजा खोला, वह वाकई अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे नायक को इजरायल बुलाकर देश के राष्ट्रपति और सरकार द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए।

मुसीबत के समय प्रार्थना और साझा मूल्य

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

संकट की घड़ी में कैप्टन मच्छड़ द्वारा की गई प्रार्थना ने इजरायली नेताओं और वहां के लोगों के दिलों को गहराई से छुआ है। इस पर बात करते हुए हशकेल ने कहा कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैप्टन की बातचीत सुनी, जिसमें उन्होंने मुश्किल वक्त में भगवान को याद करने और प्रार्थना करने का जिक्र किया, तो उन्हें भारत और इजरायल के बीच की सांस्कृतिक समानताएं और भी स्पष्ट रूप से नजर आईं। उन्होंने कहा कि दोनों ही देश आतंकवाद और ऐसी ही अन्य चुनौतियों का सामना करते आए हैं, जिससे दोनों देशों की मानसिकता में एक अनोखा जुड़ाव महसूस होता है।

भारत और इजरायल के बीच मजबूत रणनीतिक संबंध

इस घटना के बहाنے हशकेल ने दोनों देशों के बीच आपसी सुरक्षा सहयोग, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और रक्षा क्षेत्र की साझेदारियों को और अधिक मजबूत करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल जैसे लोकतांत्रिक देशों को मिलकर उन ताकतों का सामना करना चाहिए जो विनाश और कट्टरता को बढ़ावा देती हैं। उनका मानना है कि दुनिया दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष देख रही है—एक तरफ वे देश हैं जो अपने नागरिकों के विकास, शांति और जीवन के पक्षधर हैं, और दूसरी तरफ वे ताकतें हैं जो केवल तबाही चाहती हैं।

कैप्टन स्मित मच्छड़ की यह बहादुरी न केवल विमानन इतिहास में एक मिसाल बन गई है, बल्कि यह दो देशों के बीच आपसी सद्भाव और भाईचारे को भी एक नई ऊंचाई पर ले जा रही है।

Share:

Comments

Leave a comment