भारतीय पायलट Smit Machchhar ने सूझबूझ से बचाई 174 यात्रियों की जान

Nura Basta4 October 20262 min read0 viewsUAE
भारतीय पायलट Smit Machchhar ने सूझबूझ से बचाई 174 यात्रियों की जान

आकाश की ऊंचाइयों पर उड़ान भरना किसी भी पायलट के लिए एक जिम्मेदारी भरा काम होता है, लेकिन जब खतरा खुद कॉकपिट के भीतर से आ जाए, तो स्थिति बेहद भयानक हो जाती है। हाल ही में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक भारतीय पायलट ने अपनी अद्भुत बहादुरी और असाधारण सूझबूझ का परिचय देते हुए हवा में एक बड़ी तबाही को टाल दिया और 174 लोगों की जान बचा ली।

कॉकपिट के भीतर अप्रत्याशित हमला

फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान को भारतीय पायलट कैप्टन स्मीत मच्छार (Smit Machchhar) उड़ा रहे थे। उड़ान के दौरान अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। कैप्टन मच्छार के अनुसार, उनका सह-पायलट (को-पायलट) प्रार्थना कर रहा था और तभी उसने अचानक कैप्टन के सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार कर दिया।

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शुरुआत में कैप्टन को लगा कि विमान में कोई तकनीकी खराबी आ गई है, लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि हमला विमान के अंदर से ही हो रहा है। हमलावर सह-पायलट ने क्रैश कुल्हाड़ी का इस्तेमाल कर विमान पर नियंत्रण पाने की कोशिश की। इस अचानक हुए हमले के कारण विमान ने सऊदी अरब के ऊपर महज 30 सेकंड में लगभग 16,625 फीट की ऊंचाई गंवा दी थी।

बहादुरी से टला बड़ा हादसा

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मीत मच्छार ने अपना मानसिक संतुलन नहीं खोया। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे चालक दल के सदस्य और यात्री अंदर आ गए और हमलावर सह-पायलट को काबू में कर लिया। इसके बाद संकट से जूझ रहे बोइंग 737-8 विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया।

वैश्विक स्तर पर सराहना और जांच

इस भयानक घटना के बाद कैप्टन मच्छार को तबुक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें बाद में यूएई की सुरक्षा टीम के साथ अबू धाबी लाया गया। इस घटना को यूएई सरकार ने एक आतंकवादी कृत्य के रूप में वर्गीकृत किया है और इसके पीछे के संभावित कारणों की गहन जांच की जा रही है।

कैप्टन की इस वीरता की चारों तरफ तारीफ हो रही है। यूएई के उप प्रधानमंत्री और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने अस्पताल जाकर कैप्टन मच्छार से मुलाकात की और उनकी असाधारण बहादुरी की सराहना की। इसके अलावा, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस घटना को लेकर कैप्टन से बातचीत की है। भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने भी उनकी इस दिलेरी को सलाम किया है।

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