भारतीय पायलट कैप्टन स्मीथ मच्छड़ ने बचाई 174 जिंदगियां, फ्लाईदुबई विमान हादसा टला

आसमान में उड़ रहे एक विमान के अंदर जो कुछ हुआ, उसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 पर सवार 174 यात्रियों की जिंदगी उस वक्त खतरे में पड़ गई थी, जब कॉकपिट के अंदर एक भयावह साजिश रची गई। लेकिन कहते हैं कि जाको राखे साइयां, मार सके न कोय। इस घटना में भारतीय पायलट कैप्टन स्मीथ मच्छड़ (Smit Machchhar) की असाधारण बहादुरी ने एक बड़े नरसंहार को होने से रोक लिया।
इज़राइल विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मिखाल मायान ने इस भयानक घटना के बारे में खुलकर बात की है। उनके अनुसार, शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि ओमान के रहने वाले सह-पायलट की मंशा विमान को क्रैश करने की थी। इस विमान में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे। यह एक बेहद गंभीर आतंकवादी घटना थी, जिसे आखिरी वक्त में नाकाम कर दिया गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी दिखाई हिम्मत
घटना के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मीथ मच्छड़ पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें कई बार चाकू मारा। इस खतरनाक हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी जान की परवाह न करते हुए उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे चालक दल और यात्रियों को अंदर आकर स्थिति को संभालने का मौका मिल गया।
इज़राइल की प्रवक्ता ने कैप्टन मच्छड़ की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी इस असाधारण वीरता को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इज़राइल के प्रधानमंत्री से लेकर आम नागरिकों तक, हर कोई कैप्टन स्मीथ के जज्बे को सलाम कर रहा है और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
सुरक्षित उतरा विमान और आगे की जांच
इस बीच, सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सऊदी अरब के तबूक शहर में सुरक्षित उतार लिया गया। घायल कैप्टन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती इलाज के बाद, उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए अबू धाबी के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां भारतीय राजदूत ने पुष्टि की है कि अब वह खतरे से बाहर हैं और तेज़ी से रिकवर कर रहे हैं।
सऊदी अरब के अधिकारी इस मामले की शुरुआती जांच कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी जांच पूरी होने के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हवाले किया जाएगा। अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस हमले के पीछे किसी प्रकार की कट्टरपंथी विचारधारा या कोई अन्य साज़िश शामिल थी।