UAE-ओमान छोड़कर भारत लौट रहे होटल कर्मचारी, आर्किटेक्ट और डिजाइनर, यहीं ढूंढ रहे काम
क्षेत्रीय तनाव के कारण UAE और ओमान में काम कर रहे भारतीय हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स अब भारत में नौकरी तलाश रहे हैं।

दुबई/मस्कट: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान में काम कर रहे भारतीय हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स, आर्किटेक्ट्स और डिजाइनर्स इन दिनों तेजी से भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण ये लोग अब अपने देश में रोजगार के नए अवसर तलाश रहे हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की 2 नवंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर की शुरुआत से ही यह चलन देखा जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम खत्म होने के बाद पर्यटन उद्योग में सुस्ती आई है। इसका असर होटलों के बंद होने, वेतन में कटौती और कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेजने के रूप में सामने आया है।
रैडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर निखिल शर्मा ने बताया कि UAE और ओमान में कार्यरत प्रोफेशनल्स की ओर से नौकरी के आवेदनों में भारी बढ़ोतरी हुई है।
इंडस्ट्री के अन्य सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि खाड़ी देशों के पर्यटन क्षेत्र में फिलहाल वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन और पुनर्गठन का काम चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पलायन से खाड़ी के होटलों में टैलेंट की कमी हो सकती है, लेकिन भारत के घरेलू हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को इससे मजबूती मिलेगी।
इस स्थिति की वजह से प्रभावित कर्मचारियों को कम समय के लिए आय के नुकसान और रिलोकेशन के खर्चों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारों के मुताबिक, यह बदलाव स्थायी पलायन के बजाय अनिश्चितता के कारण है और स्थिरता आने पर बाजारों के फिर से उबरने की उम्मीद है।
भविष्य में यह स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि पर्यटन क्षेत्र कितनी जल्दी रिकवर होता है और क्षेत्रीय कामकाज कितनी जल्दी सामान्य होते हैं। ऐसी संभावना है कि कंपनियां जरूरी स्टाफ को रोकने के लिए नए प्रोत्साहन (incentives) दे सकती हैं।