Oman के पास जहाज पर हमला, Deoria के भारतीय नाविक सूरज यादव की मौत

Aanya27 September 20263 min read10 viewsIndia
Oman के पास जहाज पर हमला, Deoria के भारतीय नाविक सूरज यादव की मौत

गल्फ क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के तट के पास एक बड़ा हादसा सामने आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले एक giovane भारतीय नाविक की जान चली गई। इस घटना से ना सिर्फ मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है, बल्कि गल्फ देशों में काम कर रहे अन्य भारतीय कामगारों और उनके परिवारों की चिंता भी काफी बढ़ गई है। समुद्री मार्ग से जुड़ी इन घटनाओं ने खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

ओमान के पास एंटीगुआ और बारबुडा के जहाज पर हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 वर्षीय सूरज यादव, जो कर्माजीत पुर गांव, गौरी बाजार, Deoria के रहने वाले थे, एक व्यापारी जहाज पर वाइपर के रूप में काम कर रहे थे। 23 सितंबर 2026 को एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले बल्क कैरियर MV Cape Dao पर ओमान के तट के पास हमला हुआ। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के मीना साकर से भारत आ रहा था। रास्ते में इस जहाज के पोर्ट-साइड सी-डेक और इंजन रूम पर हमला हुआ, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई।

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इस जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 20 भारतीय नागरिक थे। ओमान की रॉयल नेवी ने इनमें से 19 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन दुर्भाग्य से सूरज यादव के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूरज यादव ने घटना से कुछ ही घंटे पहले अपने परिवार से वीडियो कॉल पर बात की थी। उनके पिता ओम प्रकाश यादव वर्तमान में मस्कट में ही काम कर रहे हैं।

भारतीय दूतावास और सरकार की प्रतिक्रिया

मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों और रिक्रूटर के साथ मिलकर सूरज यादव के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बयान दिया कि मृतक के शव को पूरी गरिमा के साथ उनके घर पहुंचाया जाएगा और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने व्यावसायिक जहाजों पर होने वाले इन हमलों को बेहद चिंताजनक करार दिया है। फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने मांग की है कि प्रधानमंत्री कार्यालय स्तर पर एक चौबीस घंटे का क्राइसिस सेल बनाया जाए, नाविकों को नौसैनिक सुरक्षा दी जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।

गल्फ देशों में भारतीय नाविकों और प्रवासियों की स्थिति

डिपार्टमेंट जनरल ऑफ शिपिंग के आंकड़ों के मुताबिक, इस समय गल्फ देशों और आसपास के समुद्री रास्तों पर लगभग 23,000 भारतीय नाविक मौजूद हैं। इनमें अकेले UAE में 12,830, सऊदी अरब में 3,131, कतर में 2,372, ओमान में 1,687 और बहरीन में 276 भारतीय नाविक शामिल हैं। जब से यह संघर्ष शुरू हुआ है, तब तक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 16 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है और 75 लोग घायल हुए हैं। देवरिया जिले ने इससे पहले जून महीने में भी ओमान के पास हुए एक हमले में नाविक शिवानंद चौरसिया को खो दिया था।

भारत में बैंक हड़ताल और रेमिटेंस पर असर

एक तरफ जहां समुद्री हमलों के कारण सुरक्षा का संकट गहराया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ भारत में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने 28 सितंबर से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। हालांकि वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को रविवार यानी 27 सितंबर को खुले रखने की अनुमति दी थी ताकि लेनदेन में कोई परेशानी न हो, लेकिन इस हड़ताल से गल्फ देशों से आने वाले पैसों यानी रेमिटेंस पर असर पड़ने की पूरी आशंका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस हड़ताल की वजह से यूएई और अन्य खाड़ी देशों से आने वाले महीने के अंत के वेतन, स्कूल की फीस और लोन की किस्तों के ट्रांसफर में कुछ देरी हो सकती है। हालांकि डिजिटल माध्यम से होने वाले पैसे ट्रांसफर पहले की तरह चालू रहने की उम्मीद है। इस समय मस्कट, दुबई, अबूधाबी, दोहा, मनामा और रियाद में स्थित भारतीय राजनयिक मिशन प्रवासियों की यात्रा और सुरक्षित वापसी की जरूरतों को पूरा करने के लिए चौबीस घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं ताकि किसी भी भारतीय को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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