ओमान तट पर भारतीय जहाज पर हमला, पोरबंदर के 25 साल के नाविक की मौत

ओमान तट के पास भारतीय कार्गो जहाज पर हुए हवाई हमले में गुजरात के 25 वर्षीय नाविक की जान चली गई। क्षेत्रीय संघर्ष में अब तक 23 भारतीय मारे गए हैं।

Pankhuri Motani3 November 20262 min read0 viewsOman
ओमान तट पर भारतीय जहाज पर हमला, पोरबंदर के 25 साल के नाविक की मौत

ओमान: ओमान तट के पास एक अज्ञात हवाई हमले में भारतीय झंडे वाले कार्गो जहाज 'MSV अल जुसुफी' पर चालक दल का एक सदस्य मारा गया। मरने वाले की पहचान गुजरात के पोरबंदर निवासी 25 वर्षीय नाविक गंधार नाहिम अजीज के रूप में हुई है। यह घटना 2 नवंबर को स्थानीय समयानुसार करीब शाम 4 बजे हुई।

जहाज यूएई के हमरैया पोर्ट से भारत के लिए 950 मीट्रिक टन खजूर लेकर जा रहा था। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के बाद जब जहाज लिमाह के पास था, तभी एक प्रोजेक्टाइल जहाज के केबिन के पास पोर्ट साइड से टकराया। उस समय गंधार नाहिम अजीज स्टीयरिंग व्हील पर थे, जिससे उनके बाएं पैर और कंधे में गंभीर चोटें आईं।

ओमान कोस्ट गार्ड ने जहाज पर सवार 13 अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को पानी से सुरक्षित बाहर निकाला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीज होश में थे और जमीन पर पहुंचने तक अपने साथियों से बात करते रहे, लेकिन एम्बुलेंस में शिफ्ट किए जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके परिवार में मां और बड़ा भाई है।

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केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पर इस मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उनका मंत्रालय ओमान में भारतीय दूतावास के साथ मिलकर जीवित बचे लोगों की मदद करने और अजीज के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए काम कर रहा है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि फरवरी से शुरू हुए क्षेत्रीय संघर्ष में अब तक कुल 23 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। इनमें से 15 नाविक थे और तीन मौतें सऊदी अरब में हुई थीं। विदेश मंत्रालय ने नागरिक बुनियादी ढांचे और वाणिज्यिक शिपिंग पर हो रहे इन हमलों की कड़ी निंदा की है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मुक्त नौवहन की बहाली और स्थिति को तुरंत शांत करने की मांग की है। इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन ने पीड़ित परिवार के लिए पूर्ण कांसुलर सहायता मांगी है। एसोसिएशन के मुताबिक, तनाव बढ़ने के बाद इस क्षेत्र में गुजराती स्वामित्व वाले जहाजों पर यह चौथा हमला है।

इस संघर्ष का असर पहले भी रियाद और दम्माम के हवाई अड्डों के साथ-साथ विभिन्न तेल क्षेत्र प्रतिष्ठानों में मौजूद भारतीय नागरिकों पर पड़ा है।

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