ओमान तट पर भारतीय जहाज पर मिसाइल हमला, पोरबंदर के 21 साल के नाविक की मौत

ओमान के तट के पास भारतीय मालवाहक जहाज पर हुए हमले में गुजरात के 21 वर्षीय नाविक की जान चली गई। जानिए पूरी घटना।

Vandana Upadhyay3 November 20262 min read0 viewsOman
ओमान तट पर भारतीय जहाज पर मिसाइल हमला, पोरबंदर के 21 साल के नाविक की मौत

ओमान: ओमान के तट के पास एक भारतीय मालवाहक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में गुजरात के एक 21 वर्षीय नाविक की मौत हो गई। यह हादसा 2 नवंबर 2026 को हुआ जब भारतीय ध्वज वाले जहाज 'MSV अल जुसुफी' पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया।

मृतक नाविक की पहचान पोरबंदर (गुजरात) के गंधार नाहिम अजीज के रूप में हुई है। जहाज के मालिक के भाई अकबर अहमद सुंभानिया ने बताया कि स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब 4:00 बजे प्रोजेक्टाइल जहाज के केबिन के पास पोर्ट साइड पर लगा।

हमले के वक्त गंधार स्टीयरिंग व्हील पर थे, जिससे उनके बाएं पैर और कंधे पर छर्रों और धमाके की वजह से गंभीर चोटें आईं। तट पर पहुंचने के बाद जब उन्हें एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने दम तोड़ दिया।

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यह पारंपरिक लकड़ी का कार्गो जहाज 31 अक्टूबर को यूएई के हमरैया पोर्ट से पोरबंदर के लिए निकला था। जहाज पर 14 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे और इसमें 950 मीट्रिक टन खजूर लदे हुए थे। लिमाह से आए ओमान कोस्ट गार्ड के जहाजों ने बाकी 13 जीवित चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मंत्रालय और ओमान में भारतीय दूतावास जीवित बचे लोगों की मदद और मृतक के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की घटनाओं को रोकने की मांग की है। फरवरी 2026 से जारी क्षेत्रीय संघर्ष में अब तक कुल 15 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। इससे पहले जून में MT सेट्टेबेलो पर तीन और सितंबर में MV केप डाओ पर एक नाविक की मौत हुई थी।

इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन के महासचिव एडम भाया ने विदेश मंत्रालय, शिपिंग महानिदेशालय और ओमान में भारतीय दूतावास को याचिका भेजी है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए मानवीय सहायता और समर्थन की मांग की है। करीब 50 लाख रुपये कीमत वाले इस जहाज के हमले के पीछे किस प्रोजेक्टाइल का हाथ था, इसका अभी पता नहीं चला है।

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