ओमान तट पर भारतीय जहाज पर हवाई हमला, सलया के नाविक की मौत, 13 साथी बचे
ओमान के पास भारतीय कार्गो जहाज पर ड्रोन हमले में गुजरात के 25 वर्षीय नाविक नाहिम अजीज गंधार की जान चली गई। जहाज पूरी तरह नष्ट हो गया।

ओमान: ओमान के लिमाह तट के पास एक भारतीय झंडे वाले कार्गो जहाज पर हुए हवाई हमले में 25 वर्षीय भारतीय नाविक नाहिम अजीज गंधार की मौत हो गई। यह हादसा 2 नवंबर 2026 को हुआ जब एक अज्ञात हवाई वस्तु, जिसके ड्रोन या मिसाइल होने का संदेह है, ने जहाज पर हमला कर दिया।
MSV अल जुसुफी नाम का यह लकड़ी का जहाज यूएई के हमरैया पोर्ट से करीब 900 मीट्रिक टन खजूर लेकर गुजरात के पोरबंदर जा रहा था। हमले के तुरंत बाद जहाज में आग लग गई और वह पूरी तरह नष्ट हो गया। जहाज पर कुल 14 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे।
जहाज मालिक के रिश्तेदार अकबर अहमद सुंभानिया ने बताया कि देवभूमि द्वारका जिले के सलया निवासी गंधार उस समय स्टीयरिंग संभाल रहे थे जब हमला हुआ। इस हमले में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया और बाएं हाथ में गंभीर चोटें आईं। चालक दल ने पांच मिनट के भीतर लाइफबोट के जरिए आपातकालीन निकासी की, लेकिन गंधार अपनी चोटों के कारण दम तोड़ बैठे।
सलया के ही अन्य 13 चालक दल के सदस्यों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। कागजी औपचारिकताओं में देरी के कारण परिवार ने 4 नवंबर 2026 को गंधार को ओमान के खसब पोर्ट पर ही दफनाने का फैसला किया। इस हादसे में जहाज और माल के नष्ट होने से करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है।
बचे हुए चालक दल के सदस्य फिलहाल फ्लाइट से भारत लौटने के लिए वीजा का इंतजार कर रहे हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की है और व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने पर रोक लगाने तथा मुक्त नौवहन बहाल करने की मांग की है। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार जीवित बचे लोगों और मृतक की वापसी के लिए समन्वय कर रही है।
फरवरी में ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद से पश्चिम एशिया के संघर्ष में अब तक 23 भारतीयों की जान जा चुकी है, जिनमें 15 नाविक शामिल हैं। इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन ने पारंपरिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए ईरानी राजदूत को याचिका दी है। फरवरी से अब तक यह चौथा हमला है, जिसमें दो गुजराती नाविकों की मौत हुई है।
हालांकि ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज प्रतिबंधों से छूट दी है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव और अमेरिकी हमलों के कारण समुद्री संचालन में जोखिम बना हुआ है। भारतीय मिशन भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।