हॉर्मुज हमले में भारतीय नाविक की मौत: परिवार ने लगाई न्याय और मुआवजे की गुहार

ओमान के तट के पास एक दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Cape Dao पर हुए हमले में 23 वर्षीय भारतीय नाविक सूरज यादव की जान चली गई। उत्तर प्रदेश के करमाजीतपुर निवासी सूरज ने अपनी समुद्री यात्रा के महज एक महीने बाद ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्रों में बढ़ते तनाव और निर्दोष नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो कॉल के दो घंटे बाद ही छीन ली जिंदगी
सूरज यादव की मौत की खबर ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि हमले से महज दो घंटे पहले सूरज ने अपने परिवार को वीडियो कॉल किया था, जिसमें उन्होंने सामान्य बातचीत की थी। इसके तुरंत बाद जहाज पर दो प्रोजेक्टाइल (गोले) टकराए, जिससे सूरज के सिर में गंभीर चोट आई और उनकी मृत्यु हो गई। ओमान नौसेना ने जहाज से 27 अन्य चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है, जिनमें एक अन्य घायल भारतीय नागरिक भी शामिल है।
"हमारे बच्चों को अकेला छोड़ दो" - बिलखता परिवार
सूरज के चाचा अवधेश यादव ने इस संघर्ष पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, "आप आपस में लड़ें, लेकिन हमारे बच्चों को अकेला छोड़ दें; वे मासूम हैं।" परिवार का सवाल है कि राजनीतिक संघर्षों की कीमत इन निर्दोष लोगों को क्यों चुकानी पड़ती है?
मुआवजे और न्याय की मांग
इस त्रासदी के बाद पीड़ित परिवार और फॉरवर्ड सीफारेर्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने कड़ी मांगें रखी हैं। परिवार और यूनियन ने निम्नलिखित मांगें की हैं:
- संघर्ष में शामिल पक्षों से प्रत्येक परिवार को 5 मिलियन डॉलर का मुआवजा दिया जाए।
- भारत सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि (ex-gratia) प्रदान की जाए।
- दिवंगत नाविक को 'शहीद' का दर्जा दिया जाए।
- परिवार के लिए एक सम्मानजनक नौकरी का प्रबंध किया जाए।
समुद्री मार्गों पर बढ़ता खतरा
हॉर्मुज क्षेत्र और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान-अमेरिका संघर्ष के बाद से इस क्षेत्र में 85 वाणिज्यिक शिपिंग घटनाओं में 24 नाविक मारे जा चुके हैं।
वर्तमान स्थिति:
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास वर्तमान में कई भारतीय नाविक तैनात हैं। मस्कट में भारतीय दूतावास ओमान अधिकारियों के साथ मिलकर सूरज यादव के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में जुटा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि नाविकों को निशाना बनाना अब केवल एक अपवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
भारत के वैश्विक समुद्री कार्यबल में लगभग 12 प्रतिशत योगदान है, और देश का 90 प्रतिशत से अधिक व्यापार समुद्र के रास्ते ही होता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं न केवल मानवीय बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी चिंताजनक हैं।