Strait of Hormuz में टैंकर पर हमला: 11 भारतीय नाविक घायल, भारत ने जताई गहरी चिंता

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को ओमान के तट के पास एक पनामा-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज 'MT On Peace' पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस हमले में जहाज पर सवार कुल 19 सदस्यों में से 12 लोग घायल हो गए, जिनमें से 11 भारतीय नागरिक हैं। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हमले के तुरंत बाद ओमान के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव अभियान चलाया और घायल चालक दल के सदस्यों को इलाज के लिए मुसन्दम प्रायद्वीप के खसब पोर्ट पहुंचाया गया। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस संकट की घड़ी में मदद और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए मस्कट सरकार का आभार व्यक्त किया है।
व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की बढ़ती श्रृंखला
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर बार-बार होने वाले हमले गहरी चिंता का विषय हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित नेविगेशन और व्यापार को बहाल करने के लिए नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए।
यह हमला कोई अकेली घटना नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही कम से कम सात टैंकर हमलों की खबरें आई हैं, जिनमें कुवैत के MT Kazimah III और लाइबेरिया के Lipsi जैसे जहाज शामिल थे। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण भारतीय नाविकों को भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले जुलाई में MT Mombasa और MT Al Bahiyah पर हुए हमले में रोहन कुमार और 23 सितंबर को MV Cape Dao पर हुए हमले में उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी 26 वर्षीय सूरज यादव की जान जा चुकी है।
आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में खाड़ी के पानी में लगभग 23,000 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। वैश्विक ऊर्जा शिपमेंट के लिए यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए तनाव के बावजूद वाणिज्यिक जहाज यहाँ से गुजरते रहते हैं। फिलहाल, भारतीय राजनयिक मिशन घायलों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं और उनके परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया जारी है।