पश्चिम एशिया संघर्ष: 11 भारतीय नाविकों की मौत, 139 अब भी फंसे

Gautam Sahu9 October 20263 min read0 viewsWorld
पश्चिम एशिया संघर्ष: 11 भारतीय नाविकों की मौत, 139 अब भी फंसे

पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी में जारी तनाव के बीच भारतीय नाविकों के लिए हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। नई दिल्ली में आयोजित 'सागर मंथन — द ग्रेट ओशन्स डायलॉग' के दौरान शिपिंग सचिव विजय कुमार ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इस संघर्ष में अब तक 11 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। इतना ही नहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अभी भी 139 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर सरकार प्रयास कर रही है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ा है। इस दौरान भारतीय झंडे वाले जहाजों पर चार हमले हुए हैं, जबकि विदेशी झंडों वाले उन जहाजों पर 74 घटनाएं दर्ज की गई हैं जिनमें भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। राहत की बात यह है कि सरकार अब तक 4,292 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रही है।

समुद्री हमलों का खौफनाक मंजर और हताहत

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इस पूरे संकट के दौरान केवल पश्चिम एशिया ही नहीं, बल्कि ब्लैक सी (Black Sea) में भी भारतीय नाविकों की जान गई है। कुल 16 मौतों में से 11 मौतें पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी में हुई हैं, जबकि पांच नाविक ब्लैक सी में मारे गए। दर्दनाक घटनाओं में 23 सितंबर को ओमान के मुसन्दम तट के पास MV Cape Dao पर हुआ हमला शामिल है, जिसमें उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी 26 वर्षीय सूरज यादव की मौत हो गई। इसी तरह, सितंबर के मध्य में पनामा के टैंकर MT El Gaia पर हुए हमले के बाद बिहार के वैशाली निवासी सुमित कुमार सिंह लापता हो गए। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य पनामा जहाज पर प्रोजेक्टाइल गिरने से 11 भारतीय क्रू सदस्य घायल हो गए थे।

वर्तमान स्थिति की बात करें तो होर्मुज जलडमरूमध्य में अभी भी दो भारतीय झंडे वाले जहाज और छह भारत की ओर आने वाले जहाज मौजूद हैं। बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने अब एक ट्रैकिंग सिस्टम बनाया है ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में जहाजों की स्थिति, नाविकों की सुरक्षा और जरूरी सामानों की आपूर्ति पर रीयल-टाइम नजर रखी जा सके।

भारत वैश्विक समुद्री कार्यबल में 12 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है और पिछले 12 वर्षों में भारतीय नाविकों की संख्या बढ़कर 3.23 मिलियन हो गई है। मुआवजे की बात करें तो सीफयरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी की ओर से 10 लाख रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है, जबकि यूनियनों के जरिए अधिकारियों को 12 लाख और क्रू सदस्यों को 10 लाख रुपये तक का कवरेज मिलता है। हालांकि, एक गंभीर पहलू यह है कि मध्य पूर्व संघर्ष में हुई 16 मौतों में से अब तक केवल पांच मामलों में ही मुआवजा मिल पाया है।

इस बीच, क्षेत्रीय अस्थिरता का असर हवाई यात्राओं पर भी दिख रहा है। दुबई, अबू धाबी, रियाद और जेद्दा हवाई अड्डों पर उड़ानों में व्यवधान दर्ज किया गया है, जिससे कुवैत, सऊदी अरब और बहरीन से यात्रा करने वाले लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने हाल ही में सऊदी अरब के साथ बंदरगाह और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग पर चर्चा की है।

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