रोमानिया और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं

नई दिल्ली: रोमानिया और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अलग-अलग समुद्री घटनाओं में फंसे सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि इन घटनाओं में किसी भी भारतीय नागरिक को कोई चोट नहीं आई है और न ही कोई जानमाल का नुकसान हुआ है।
सरकारी बयान के मुताबिक, भारत सरकार इन दोनों स्थितियों पर करीब से नजर रख रही है। चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जहाज प्रबंधन कंपनियों के साथ लगातार तालमेल बिठाया जा रहा है।
16 अक्टूबर 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कच्चे तेल के टैंकर एमटी एसटी 3 (MT ST 3) पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। इस घटना के दौरान जहाज पर 15 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनकी जान जोखिम में पड़ गई थी।
इससे पहले 14 अक्टूबर 2026 को रोमानिया के सुलिना एंकरेज में केमिकल टैंकर यारा जे (YARA J) पर ड्रोन हमला हुआ। इस जहाज पर 17 लोगों के बहुराष्ट्रीय चालक दल में 9 भारतीय नाविक शामिल थे। ड्रोन के टकराने से जहाज पर आग लग गई थी, जिसे चालक दल ने बिना किसी बाहरी मदद के बुझा दिया।
आग बुझाने के बाद यारा जे चालू हालत में था और वह कॉन्स्टेंटा बंदरगाह की ओर बढ़ गया। रोमानियाई अधिकारी इस ड्रोन हमले की जांच कर रहे हैं, हालांकि सैन्य रडार की शुरुआती रिपोर्टों में जहाज की ओर किसी ड्रोन के आने का पता नहीं चला था।
व्यावसायिक जहाजरानी पर बढ़ते हमलों के बीच भारत ने इसकी औपचारिक रूप से निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मध्य पूर्व पर हुई बहस के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पार्वतीननी ने तनाव को तुरंत कम करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों का समाधान कूटनीति और बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।