हूती हमलों के कारण सऊदी अरब में फंसे हजारों भारतीय उमराह यात्री, उड़ानों के रद्द होने से बढ़ी मुश्किलें
हूती हमलों के कारण सऊदी अरब में हजारों भारतीय उमराह यात्री फंसे हैं। कई एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द कर दी हैं और यात्री मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

रियाद (सऊदी अरब): सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचों और हवाई अड्डों पर किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से हजारों भारतीय उमराह यात्री फंस गए हैं। दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों के बाद कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया है।
कर्नाटक, तेलंगाना और कश्मीर समेत कई राज्यों से गए यात्री इस समय भारी संकट में हैं। यात्रियों ने खाने-पीने की कमी और घटती जमापूंजी के कारण होने वाली परेशानियों के बारे में बताया है। कुछ परिवारों को रहने और यात्रा के लिए अलग से 30 हजार रुपये तक खर्च करने पड़े हैं। एक यात्री अफशाद ने बताया कि उड़ानें देरी से होने के बाद उन्हें ऐसी जगह रखा गया जो रहने के लिए ठीक नहीं थी।
हवाई सेवाओं की बात करें तो एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा ने अपने मुख्य रूट निलंबित कर दिए हैं। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद और दम्माम के लिए रद्दीकरण को 7 नवंबर 2026 तक और जेद्दा के लिए 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। एयर इंडिया 24 अक्टूबर या उससे पहले की उड़ानों के लिए पूरा रिफंड और मुफ्त रीबुकिंग दे रही है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक 3,000 उमराह और 10,000 नियमित यात्री घर लौट चुके हैं। हालांकि, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि मक्का और मदीना में अब भी करीब 4,000 लोग फंसे हुए हैं। इनमें तेलंगाना के 1,500 से 1,800 और कर्नाटक के बेंगलुरु, बेलगावी और हुबली के 600 से ज्यादा यात्री शामिल हैं।
कश्मीर के 50 लोगों के समूह में से 36 यात्री पिछले 11 दिनों से फंसे हैं। श्रीनगर से 25 सितंबर को निकले इस समूह की इंडिगो फ्लाइट 13 अक्टूबर को रद्द हो गई थी। इनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं जिन्हें भोजन और दवाओं की किल्लत हो रही है। इनमें से 14 लोग अपने खर्च पर दुबई के रास्ते वापस लौट पाए हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हूती हमले में हैदराबाद के आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई थी। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इन हमलों की निंदा की है और नागरिकों को अलर्ट के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और विशेष उड़ानें चलाने का अनुरोध किया है। जेद्दा स्थित महावाणिज्य दूतावास ने जेद्दा और मक्का में 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम बनाए हैं ताकि भोजन और चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके।
जरूरी यात्रा के लिए बहरीन, कुवैत या कतर के रास्ते बाहर निकलने का सुझाव दिया गया है। मदद के लिए यात्री सऊदी हज और उमराह मंत्रालय के नंबर 1966 या रियाद दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों +966-554412016, +966-542126784, टोल-फ्री 8002471234 या व्हाट्सएप +966-536216082 पर संपर्क कर सकते हैं।