Saudi Arabia Houthi Attack: सऊदी में हूती हमलों से घायल हुए भारतीय, फंसे मजदूरों की बढ़ी मुश्किलें.

Aanya21 September 20263 min read22 viewsExpat Issues
Saudi Arabia Houthi Attack: सऊदी में हूती हमलों से घायल हुए भारतीय, फंसे मजदूरों की बढ़ी मुश्किलें.

खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय कामगारों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सऊदी अरब में हुए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आने से कुछ भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं। इन हमलों के बाद से वहां काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों की चिंता काफी ज्यादा बढ़ गई है। सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है और लगातार जरूरी कदम उठा रही है ताकि किसी भी भारतीय को परेशानी का सामना न करना पड़े।

सऊदी अरब में ड्रोन और मिसाइल हमलों का असर

सऊदी अरब के अलग-अलग शहरों जैसे Khamis Mushait, Abha, Taif और Jazan में हूती विद्रोहियों ने मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, किंगडम में लगभग 27.48 लाख भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोग कंस्ट्रक्शन, एनर्जी और लॉजिस्टिक्स जैसे जोखिम भरे क्षेत्रों में काम करते हैं। इन हमलों के बाद 14 September को जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य मंत्री Fahad Ahmed Khan Suri ने Dr. Soliman Fakeeh Hospital का दौरा किया और वहां भर्ती घायल भारतीय नागरिकों से मिलकर उनका हालचाल जाना। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और रेड सागर में शिपिंग पर मंडरा रहे खतरों पर चिंता जताई है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने सऊदी के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की है, जबकि राज्य मंत्री Kirti Vardhan Singh ने भारतीय मजदूरों के हालात का जायजा लेने के लिए लेबर कैंपों का दौरा किया है।

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उत्तराखंड के ड्राइवर का मामला और अन्य परेशानियां

सऊदी अरब में काम करने वाले उत्तराखंड के एक ट्रक ड्राइवर Indramani Nautiyal पिछले साल 2018 से वहां रह रहे हैं। एक ट्रैफिक एक्सीडेंट के मामले में उन पर Rs 2.29 crore (दो करोड़ उनतीस लाख रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना लगा है, जिसके भुगतान न होने के कारण उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। इस गंभीर मामले को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने विदेश मंत्री S. Jaishankar को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत दखल देने और उनकी मदद करने की अपील की है।

दुबई में मौत और कानूनी सहायता शिविर

दूसरी तरफ दुबई से भी एक दुखद खबर सामने आई है, जहां केरल के कान्हाങ്ങാड़ कासरगोड के रहने वाले 32 साल के T.V. Firoz की 19 September को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस मामले में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। वाणिज्य दूतावास ने यह भी साफ किया है कि यूएई के कानून UAE Federal Decree Law 33 of 2021, Article 15(3) के तहत कर्मचारियों के शवों को उनके देश वापस भेजने की पूरी जिम्मेदारी कंपनी या नियोक्ता की होती है। इसके अलावा, प्रवासियों को कानूनी मामलों में मदद देने के लिए 21 September को दोपहर 2:00 pm से 4:30 pm तक कंस्यूलेट ऑडिटोरियम में एक ओपन लीगल काउंसलिंग कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें साइबर क्राइम और बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े मुद्दों पर लोगों को सलाह दी गई।

बुजुर्ग प्रवासियों के लिए भविष्य का संकट

अंतरराष्ट्रीय संगठन ILO STREAM की एक हालिया रिपोर्ट में खाड़ी देशों में रहने वाले उम्रदराज और पहली पीढ़ी के भारतीय प्रवासियों के सामने आने वाले बड़े संकट की ओर इशारा किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पेंशन योजनाओं की कमी और लगातार महंगी होती स्वास्थ्य सेवाओं के कारण बुजुर्ग प्रवासियों की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ सकती हैं। भारतीय मिशनों की तरफ से लगातार यह अपील की जा रही है कि प्रवासी किसी भी तरह के धोखेबाजों या थर्ड-पार्टी एजेंटों के चक्कर में न आएं और हमेशा आधिकारिक माध्यमों जैसे Pravasi Bharatiya Sahayata Kendra का ही इस्तेमाल करें।

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