सऊदी अरब में ड्रग तस्करी के आरोप में 8 भारतीयों को मौत की सजा का खतरा
केरल और बंगाल के 8 भारतीय सऊदी अरब की जेल में हैं। ड्रग तस्करी के आरोप में उन पर मौत की सजा की मांग की गई है।

जेद्दा: सऊदी अरब में ड्रग तस्करी के गंभीर आरोपों में फंसे आठ भारतीय नागरिकों पर मौत की सजा का खतरा मंडरा रहा है। इनमें केरल के त्रिशूर जिले के कोचन्नूर निवासी 40 वर्षीय उमर शरीफ और पश्चिम बंगाल के सात लोग शामिल हैं, जो फिलहाल जेद्दा की एक जेल में बंद हैं।
इन लोगों को कथित तौर पर बिचौलियों ने झांसे में लिया था। मलप्पुरम के अली और त्रिशूर के आशिक नाम के व्यक्तियों ने उन्हें तीन महीने की सुपरवाइजरी या राजमिस्त्री की हाई-पेइंग नौकरी और मुफ्त उमराह यात्रा का लालच दिया था। इसके बाद यह समूह अगस्त 2026 में कोयंबटूर हवाई अड्डे से रवाना हुआ था।
यात्रा के दौरान उन्हें कुछ बैग दिए गए थे। उनसे कहा गया था कि इन बैगों में फिलिस्तीन और सूडान के बच्चों के लिए मिठाइयां, भोजन और दवाइयां हैं। लेकिन जैसे ही वे जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, सऊदी अधिकारियों ने तलाशी के दौरान उनके सामान से भारी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ 'प्रेगाबालिन' बरामद किया।
जांच में पता चला कि अकेले उमर शरीफ के पास करीब 14 किलोग्राम नशीला पदार्थ था। पिछले करीब दो महीनों से ये सभी आरोपी जेद्दा जेल में बंद हैं। सऊदी पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने राज्य के नशीली दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थों नियंत्रण कानून के तहत इन सभी के लिए मौत की सजा की मांग की है।
पश्चिम बंगाल के आरोपियों की पहचान एस.के. कमाल, काफिजुल शेख, अब्राहम शेख, सौधिन शेख, नसीमउद्दीन और अजीगुल गाजी के रूप में हुई है। फोर्थ जॉइंट ज्यूडिशियल कोर्ट में चल रही कानूनी कार्यवाही में बंगाली अनुवादक की कमी के कारण देरी हो रही है। वहीं, कुछ लोगों पर पहले ही लाखों रियाल का जुर्माना लगाया जा चुका है।
उमर शरीफ की पत्नी हजारा ने केरल के गृह मंत्री को अपील भेजी है। समूह के करीबियों ने बैग सौंपने के वीडियो सबूत भी साझा किए हैं। भारत में स्थानीय पुलिस ने कथित तौर पर भर्ती करने वाले बिचौलियों को हिरासत में लिया था, लेकिन औपचारिक मामला दर्ज न होने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया।
अक्टूबर 2026 के अंत तक ये सभी भारतीय हिरासत में हैं। उनके परिवार अब रियाद और जेद्दा स्थित भारतीय मिशनों से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।