IndiGo हादसे में क्रू मेंबर की मौत, मुंबई में ऑफिस कैब से लौटते वक्त हुआ बड़ा सड़क हादसा।

मुंबई में सड़क हादसे के दौरान एक बड़ी एयरलाइन कंपनी की महिला कर्मचारी की मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब कर्मचारी अपनी शिफ्ट पूरी करने के बाद ऑफिस कैब में बैठकर अपने घर वापस जा रही थी। इस दुखद घटना के बाद से मृतक महिला के परिवार, दोस्तों और साथियों के मन में कैब चालकों की तेज और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर काफी चिंता बढ़ गई है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
घटना की पूरी जानकारी और पिछला हादसा
यह दर्दनाक हादसा 19 सितंबर 2026 को हुआ, जिसमें IndiGo एयरलाइन की केबिन क्रू मेंबर Kainoor Mistry ने अपनी जान गंवा दी। वह एक आठ साल के बेटे की मां थीं। उनके निधन के बाद से ऑफिस कैब से सफर करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मुंबई के स्थानीय अधिकारी इस टक्कर से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि ड्राइवर की गलती कितनी थी।
इसी तरह की एक अन्य घटना बेंगलुरु में भी पहले घट चुकी है। 7 अप्रैल 2025 को बेंगलुरु में एक 24 साल की असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव स्नेहा की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह जिस कैब में सफर कर रही थी, वह सुबह के वक्त करीब 4:30 AM से 4:45 AM के बीच एक सर्विस रोड पर खड़ी KSRTC बस से टकरा गई थी। उस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने कैब ड्राइवर और बस ड्राइवर दोनों के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया था। जांच में सामने आया था कि बस को बिना किसी चेतावनी वाले बोर्ड के खतरनाक जगह पर खड़ा किया गया था। इस मामले में मृतका के पिता ने आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी की जान ड्राइवर की लापरवाही के कारण गई।
कानूनी प्रावधान और सुरक्षा नियम
भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर कानून काफी सख्त हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं के तहत ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। BNS की धारा 281 और 106 के तहत उन कामों के लिए आपराधिक जिम्मेदारी तय की जाती है जिनसे दूसरों की जान को खतरा पैदा होता है। इसके अलावा धारा 106(2) में यह प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति घातक हादसे के बाद मौके से भाग जाता है, तो उसे और भी कड़ी सजा दी जाएगी।
कंपनियों की तरफ से भी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कई तरह की नीतियां बनाई जाती हैं, खासकर उन महिला कर्मचारियों के लिए जो रात के समय या देर तक काम करती हैं। नियमों के मुताबिक ऐसी महिला कर्मचारियों के लिए कैब के साथ सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजर की व्यवस्था करने के निर्देश होते हैं। हालांकि हाल ही में हुई इन दुर्घटनाओं ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया है कि ट्रांसपोर्ट देने वाली कंपनियों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है तथा यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन होना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी कर्मचारी की जान जोखिम में न पड़े।