ओमान के सलाला पहुंचे भारतीय नौसेना के INS Sudarshini जहाज पर जुटे सैकड़ों प्रवासी और स्कूली बच्चे

सलाला (ओमान): भारतीय नौसेना के सेल ट्रेनिंग शिप INS Sudarshini ने अपने 10 महीने के लोकयान-26 अभियान के आखिरी विदेशी पड़ाव के तौर पर ओमान के सलाला का दौरा किया। 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से ज्यादा भारतीय प्रवासियों ने जहाज पर जाकर अपनी उत्सुकता जताई।
जहाज पर आने वालों में इंडियन स्कूल सलाला के बच्चे और शिक्षक, पेशेवर लोग और कई परिवार शामिल थे। मेहमानों को तीन मस्तूलों वाले इस बार्क जहाज पर जीवन के बारे में जानकारी दी गई। क्रू सदस्यों ने अरब सागर, लाल सागर, भूमध्य सागर और स्वेज नहर से गुजरने के अपने अनुभवों को साझा किया।
नौसेना कर्मियों ने फ्रांस के एस्केल ए सेट उत्सव और केप वर्डे से एंटीगुआ तक की 19 दिनों की ऐतिहासिक अटलांटिक यात्रा के बारे में भी बताया। कोच्चि से रवाना होने के बाद इस जहाज ने अब तक 10,000 समुद्री मील की दूरी तय कर ली है।
इस मौके पर राजदूत प्रशांत पिसे ने धोफर क्षेत्र की ऐतिहासिक समुद्री विरासत पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक भारतीय नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें रॉयल नेवी ऑफ ओमान के अधिकारियों, पोर्ट ऑफ सलाला के अधिकारियों और अन्य राजनयिक मेहमानों ने हिस्सा लिया।
समुद्री व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए पेशेवर चर्चाएं और खेल मुकाबले भी आयोजित किए गए। ओमान में करीब 6 लाख 80 हजार भारतीय रहते हैं, जो वहां की कुल आबादी का 20 प्रतिशत हैं। यहां के भारतीय स्कूलों में 48 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं।
लोकयान-26 अभियान की शुरुआत 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से हुई थी। भारत के महासागर विजन के तहत यह मिशन 13 देशों के 18 बंदरगाहों को कवर करते हुए कुल 22,000 समुद्री मील की दूरी तय करेगा।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हुई हैं। हूती हमलों ने शिपिंग और बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया है, जिसमें हाल ही में रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में हैदराबाद के टेक प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बाद भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) दूत ने प्रवासियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
सुरक्षा कारणों से सऊदी अरब के लिए उड़ानें 24 अक्टूबर तक निलंबित हैं, जिससे कई यात्री प्रभावित हुए हैं। इन चुनौतियों के बीच INS Sudarshini का यह दौरा प्रवासियों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और सॉफ्ट पावर आउटरीच को दर्शाता है।