यमन में सुलग उठा संघर्ष: सादा और अमरान में हौथी ठिकानों पर भीषण हवाई हमले

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर से अपने चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में यमन के विभिन्न हिस्सों में हालात उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गए जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तीव्र हवाई हमलों की खबरें सामने आईं। इस ताजा सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
हौथी ठिकानों पर चौतरफा प्रहार
यमन के सादा और अमरान गवर्नरेट में हौथी विद्रोहियों के नियंत्रण वाले ठिकानों को भारी हवाई हमलों का सामना करना पड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, इस सैन्य अभियान के तहत एक ही दिन में कई दर्जन हवाई और मिसाइल हमले किए गए। इन ऑपरेशनों की जद में केवल सादा और अमरान ही नहीं, बल्कि सना, ताइज़, हज्जा और इब्ब जैसे क्षेत्र भी रहे।
स्थानीय माध्यमों और हौथी-संबद्ध चैनलों से प्राप्त रिपोर्ट्स के अनुसार, सादा प्रांत के साकिन जिले में एक टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क को निशाना बनाया गया, जिससे संचार व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, सीमावर्ती इलाकों जैसे राजिह और घम्हर जिलों में तोपखाने से भी गोले दागे गए हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सीमा पार भी दिखा संघर्ष का असर
यह संघर्ष अब केवल यमन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका असर पड़ोसी देशों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सऊदी अरब के असीर क्षेत्र में उस समय अफरातफरी मच गई जब सीमा सुरक्षा प्रणालियों ने एक हौथी बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नाकाम कर दिया। हालांकि मिसाइल को रोक लिया गया था, लेकिन उसके मलबे की चपेट में आने से एक स्थानीय निवासी घायल हो गया।
दूसरी ओर, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सशस्त्र सेनाओं ने भी विभिन्न मोर्चों पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ताइज़ मोर्चे पर हौथी लड़ाकों के आगे बढ़ने के प्रयासों को विफल कर दिया गया है, जिसमें विद्रोही गुट को भारी जनहानि उठानी पड़ी है।
लगातार तेज हो रहे इन हमलों और क्षेत्रीय संघर्ष के इस नए दौर ने यमन के आम नागरिकों के सामने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है।