ईरान ने अमेरिका पर क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक असुरक्षा फैलाने का आरोप लगाया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने अमेरिका पर सैन्य कार्रवाइयों के जरिए क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक असुरक्षा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। बग़ाई ने कहा कि दुनिया अमेरिका के गैरकानूनी हमलों के परिणामों को भुगत रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ महीनों के दौरान जब बातचीत चल रही थी, तब अमेरिका ने ईरान पर दो सैन्य हमले किए।
प्रवक्ता ने मीनाब में बच्चों के नरसंहार, लामेरद में लड़कियों की हत्या और ईरानी नेताओं की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरानी जनता के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों को और सख्त कर दिया है। बग़ाई के मुताबिक, अमेरिका ने 17 जून 2026 को हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका अपनी मर्जी से युद्ध शुरू करके बाद में पीड़ित होने का नाटक नहीं कर सकता।
20 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बग़ाई ने कहा कि किसी भी अमेरिकी सैन्य हमले का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सोचे कि वह बिना किसी परिणाम के कार्रवाई कर सकता है, तो यह एक भ्रम है। उनके अनुसार, अमेरिका के 'मारो और भागो' वाले हमलों का दौर खत्म हो चुका है और ईरान की प्रतिक्रिया कम से कम उतनी ही ताकतवर होगी।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अस्थिरता को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है, जिसका कारण उन्होंने अमेरिकी सैन्य गतिविधियां बताया है। इससे पहले ईरानी नौसेना के प्रवक्ता ने दावा किया था कि 19 अक्टूबर को अमेरिकी बलों के दो प्रोजेक्टाइल कोनोरक नेवल बेस से टकराए, जिसमें दो कर्मी घायल हो गए।
दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 21 अक्टूबर को पुष्टि की कि सात दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव को लेकर अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में इसे खारिज कर दिया था। इसी बीच अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ईरानी लक्ष्यों पर नए हमलों पर विचार कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और 13वां मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट क्षेत्र में लगभग 10,000 अतिरिक्त कर्मियों को तैनात करने की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने 28 फरवरी 2026 को शुरू किए गए अभियानों के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और उसके मिसाइल उद्योग को खत्म करना है।
तनाव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने धमकी दी है कि अगर बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहे, तो वे समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों और अन्य अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाएंगे। IRGC ने यह दावा भी किया कि मध्य पूर्व में अधिकांश अमेरिकी базы अब निष्क्रिय हो चुके हैं। हालांकि, अमेरिकी सेंटकॉम प्रमुख एडम ब्रैड कूपर ने 20 अक्टूबर को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी अमेरिका और उसके सहयोगियों के नियंत्रण में है।
इसी दौरान, यमन के हूती विद्रोहियों ने 21 अक्टूबर को अदन में एक सऊदी सैन्य ऑपरेशंस रूम पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया। वहीं, अमेरिकी हाउस ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (H.R. 8800) पारित किया है, जिसके तहत 1 फरवरी 2027 तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सैन्य अभियानों के प्रभाव की रिपोर्ट मांगी गई है।