अमेरिका के लहजे में आया बदलाव, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पत्र पर ईरान ने जताई खुशी
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पत्र के बाद ईरान ने अमेरिका के लहजे में बदलाव को स्वीकार किया है। जानें क्या हैं ईरान की शर्तें।

तेहरान: ईरान ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा भेजे गए एक पत्र के बाद अमेरिका के बात करने के तरीके और लहजे में आए बड़े बदलाव को स्वीकार किया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने इस संचार को एक 'अच्छा संकेत' बताया है।
रजाई के मुताबिक, यह बदलाव दर्शाता है कि ईरानी लोगों ने अपनी 'जीत सुनिश्चित' कर ली है। यह पत्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर भेजा गया था, जिसे कतरी मध्यस्थों के जरिए रजाई तक पहुंचाया गया।
ईरानी अधिकारियों ने हालांकि इस बदलाव को सकारात्मक माना है, लेकिन विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच सीधी मुलाकात की कोई योजना नहीं है। दोनों देशों के बीच राजनयिक बातचीत केवल कतर की मदद से अप्रत्यक्ष माध्यमों से ही जारी है।
कुछ रिपोर्टों में इस संचार को शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिश बताया गया है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से इस पत्र को औपचारिक शांति वार्ता के बजाय चिकित्सा आपूर्ति पहुंचाने से जुड़े एक मानवीय प्रयास के रूप में पेश किया है।
राजनयिक बातचीत के बावजूद तेहरान ने ठोस चर्चा के लिए एक सख्त ढांचा तैयार किया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि बातचीत शुरू करने या होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने से पहले सात विशिष्ट शर्तों को पूरा करना होगा। इनमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाना, जमी हुई संपत्ति को वापस करना और नौसैनिक नाकाबंदी को खत्म करना शामिल है।
दूसरी ओर, ईरान का सैन्य रुख अभी भी आक्रामक बना हुआ है। सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजरायल द्वारा कोई सैन्य या आतंकवादी हमला किया जाता है, तो ईरान की सशस्त्र सेनाएं 'भौगोलिक रूप से अप्रतिबंधित' और प्रभावी जवाब देंगी।