ईरान एयरलाइंस पर अमेरिकी बैन, चीन ने किया विरोध, वैश्विक संकट गहराया।

Nura Basta22 September 20262 min read0 viewsWorld
ईरान एयरलाइंस पर अमेरिकी बैन, चीन ने किया विरोध, वैश्विक संकट गहराया।

अमेरिका ने ईरान की एयरलाइंस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिसके खिलाफ चीन ने अपनी मजबूत आपत्ति दर्ज कराई है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब 23 सितंबर, 2026 तक ईरानी एयरलाइंस को वैश्विक स्तर पर लगभग पूरी तरह से बंद करने की समय सीमा नजदीक आ रही है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से अलग करना है, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है और इसका सीधा असर मध्य पूर्व की हवाई यात्रा पर भी पड़ रहा है।

चीन का कड़ा विरोध और अमेरिकी दबाव

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन (Guo Jiakun) ने मंगलवार को साफ तौर पर कहा कि चीन उन सभी एकतरफा प्रतिबंधों का कड़ा विरोध करता है, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की मंजूरी नहीं मिली है या जिनका अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है। चीन का यह बयान अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) द्वारा 21 सितंबर, 2026 को एक टेलीविजन इंटरव्यू में "ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट" (Operation Economic Outcast) की घोषणा के एक दिन बाद आया है।

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सचिव बेसेंट ने चेतावनी दी है कि जो भी इकाई ईरानी एयरलाइंस को ईंधन भरने, लैंडिंग की सेवाएं देने या टिकट बेचने में मदद करेगी, उसे अमेरिकी डॉलर प्रणाली (U.S. dollar system) से बाहर कर दिया जाएगा। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (U.S. Department of the Treasury) का कहना है कि ये उपाय 9/11 के बाद मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे से अलग करने के लिए किए जा रहे हैं। आप इस खबर से जुड़ी पूरी जानकारी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की प्रेस रिलीज में यहां पढ़ सकते हैं।

प्रतिबंधों का वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव

चीन इन प्रतिबंधों का विरोध कर रहा है, लेकिन सचिव बेसेंट ने बताया कि चीनी अधिकारी, जिनमें उप-प्रीमियर हे लीफेंग (Vice Premier He Lifeng) और पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर पैन गोंगशेंग (Pan Gongsheng) शामिल हैं, अमेरिकी दबाव अभियान और संबंधित अनुपालन प्रयासों पर चर्चा में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।

इन प्रतिबंधों के कारण पहले ही क्षेत्रीय स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इराक (Iraq) ने ईरानी वाहकों द्वारा की जाने वाली उड़ानें निलंबित कर दी हैं, जॉर्जिया (Georgia) ने भी प्रतिबंध लागू कर दिया है, और महान एयर (Mahan Air) ने तुर्की सरकार के अनुरोध पर तुर्की के लिए अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं। ये सभी कार्रवाई सितंबर महीने में अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा सभी शेष ईरानी एयरलाइंस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद हुई हैं।

ट्रेजरी विभाग, विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (Office of Foreign Assets Control - OFAC) और वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क (Financial Crimes Enforcement Network - FinCEN) का मानना है कि इन सभी संयुक्त दबावों के माध्यम से 23 सितंबर की अंतिम समय सीमा तक ईरानी विमानन क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय संचालन को पूरी तरह से पंगु बनाना जरूरी है। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और विशेष रूप से मध्य पूर्व में रहने वाले भारतीय प्रवासियों (Indian expats) के लिए हवाई यात्रा के विकल्पों को प्रभावित कर सकती है, जिससे यात्रा योजनाएँ बदल सकती हैं या अधिक जटिल हो सकती हैं।

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