अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान की 78 एम्बुलेंस तबाह हुईं, स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप

Gautam Sahu16 October 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान की 78 एम्बुलेंस तबाह हुईं, स्वास्थ्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप

तेहरान: ईरान के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री मोहम्मद रजा जफरघंदी ने बताया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष में अब तक कम से कम 78 एम्बुलेंस नष्ट हो चुकी हैं। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम के संयुक्त अभियान के तहत शुरू हुआ था, जिससे देश के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने 9 मार्च 2026 को जानकारी दी थी कि 14 एम्बुलेंस नष्ट हो गई हैं, जबकि 25 अस्पतालों और 18 प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी बेस को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद 18 मार्च को सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहजरानी ने बताया कि हमलों में 52 स्वास्थ्य केंद्र, 29 क्लीनिक, 19 इमरजेंसी सेंटर, 16 एम्बुलेंस और एक मेडिकल हेलीकॉप्टर प्रभावित हुए हैं।

ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (IRCS) ने 24 मार्च 2026 को अपनी रिपोर्ट में कहा कि उनकी 94 एम्बुलेंस और एक राहत वाहन को निशाना बनाया गया। वहीं, तेहरान इमरजेंसी हेल्थ विभाग के मेहर सोरुश ने 10 मार्च को बताया था कि राजधानी तेहरान में 18 एम्बुलेंस और 18 इमरजेंसी बेस क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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ईरान के आपातकालीन विभाग के प्रमुख जाफर मियादफार ने 12 अप्रैल 2026 को कहा कि क्षतिग्रस्त चिकित्सा इकाइयों में 47 एम्बुलेंस, दो एयर एम्बुलेंस हेलीकॉप्टर और एक समुद्री एम्बुलेंस शामिल हैं। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज (IFRC) ने 18 मार्च को बताया कि कुल 339 चिकित्सा केंद्रों को निशाना बनाया गया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 5 मार्च 2026 को ईरान में स्वास्थ्य सेवाओं पर 13 हमलों और लेबनान में एक हमले की पुष्टि की थी। डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. हनान बल्खी ने कम से कम चार एम्बुलेंस के प्रभावित होने की बात कही थी।

मंत्री जफरघंदी ने डब्ल्यूएचओ से इन हमलों की निंदा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों और वैज्ञानिक संस्थानों पर हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन हैं।

यह संघर्ष ईरानी नेतृत्व और सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले शुरुआती हमलों के साथ शुरू हुआ था। 16 अक्टूबर 2026 तक यह मामला राजनयिक गतिरोध पर बना हुआ है। ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका ईरानी ऊर्जा और परमाणु स्थलों के खिलाफ GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट की तैनाती सहित आगे के सैन्य अभियानों पर विचार कर रहा है।

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