ईरान का अमेरिका को दो टूक, शर्तें मानो फिर खुलेगा हॉर्मुज, होगी बातचीत

Sushma Kumari21 September 20263 min read0 viewsWorld
ईरान का अमेरिका को दो टूक, शर्तें मानो फिर खुलेगा हॉर्मुज, होगी बातचीत

खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है. ईरान ने साफ कह दिया है कि जब तक अमेरिका उनकी शर्तें पूरी नहीं करेगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से नहीं खोला जाएगा और न ही अमेरिका के साथ बातचीत की जाएगी. ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने यह बात कही, जिससे दोनों देशों के बीच की दूरियां और बढ़ गई हैं. वैश्विक ऊर्जा शिपमेंट के लिए यह जलमार्ग बहुत महत्वपूर्ण है, और इसका बंद रहना दुनिया भर में तेल आपूर्ति और व्यापार को प्रभावित कर सकता है.

अल जज़ीरा के मुताबिक, गालिबाफ ने बताया कि ईरान ने अपनी मांगें बिचौलियों के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचा दी हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक तेहरान की शर्तें पूरी नहीं होंगी, तब तक ईरान अपनी स्थिति पर फिर से विचार नहीं करेगा. गालिबाफ ने कहा, "हमारे संदेश और शर्तें बिचौलियों के जरिए दूसरी तरफ साफ तौर पर पहुंचा दिए गए हैं... और जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होंगी, ईरानी राष्ट्र के अटूट अधिकारों को मान्यता नहीं मिलेगी, और अमेरिकी अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करेंगे, तब तक पिछली बातचीत के ढांचे में लौटने या स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने की कोई संभावना नहीं होगी."

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का महत्व और ईरानी सैन्य चेतावनी

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज अमेरिका-ईरान टकराव में एक बड़ा केंद्र बन गया है. यह रणनीतिक जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है, और समुद्री यातायात पर प्रतिबंधों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति में और रुकावटों की चिंता बढ़ गई है.

गालिबाफ की ये टिप्पणियां ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान की चेतावनी के बाद आई हैं. ईरान ने चेतावनी दी थी कि तेहरान के खिलाफ किसी भी नए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और हितों पर हमले होंगे. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए द्वारा जारी खत्म अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के एक बयान में कहा गया कि किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जवाब "लगातार, प्रभावी और दर्दनाक" हमलों से दिया जाएगा. बयान में कहा गया, "अगर संयुक्त राज्य अमेरिका इस्लामी गणतंत्र ईरान के खिलाफ कोई गलती करता है, तो क्षेत्र में उसके सभी ठिकानों और हितों को बिना किसी सीमा या विचार के लगातार, प्रभावी और दर्दनाक हमलों में निशाना बनाया जाएगा." ईरानी सैन्य कमान ने क्षेत्रीय देशों को किसी भी अमेरिकी सैन्य अभियान में तेहरान का समर्थन करने के खिलाफ भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि जो देश वाशिंगटन की मदद करेंगे, उन्हें कार्रवाई में भागीदार माना जाएगा.

अमेरिकी नौसेना नाकेबंदी और राजनयिक प्रयास

इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसकी सेनाओं ने ईरान पर वाशिंगटन की नौसेना नाकेबंदी को लागू करने के प्रयासों के तहत 109 वाणिज्यिक जहाजों को मोड़ा है. CENTCOM ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "एक अमेरिकी नाविक यूएसएस जॉन पॉल जोन्स (डीडीजी 53) पर निगरानी कर रहा है. 20 सितंबर तक, CENTCOM बलों ने कुल अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए 109 वाणिज्यिक जहाजों को मोड़ दिया है." अमेरिकी सेना ने 14 जुलाई को ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले समुद्री यातायात पर नाकेबंदी फिर से लागू की थी.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अपना व्यवहार नहीं बदला तो गंभीर परिणाम होंगे, वहीं उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेचकियान के साथ बातचीत के लिए खुले हो सकते हैं. ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेज़ाई ने पहले कहा था कि तेहरान ने कतरी मध्यस्थता के माध्यम से संघर्ष को समाप्त करने की अपनी शर्तें बताई थीं, जिसमें सभी मोर्चों पर शत्रुता समाप्त करना, जमे हुए ईरानी धन को जारी करना और नौसेना नाकेबंदी समाप्त करना शामिल था.

ये नवीनतम घटनाक्रम ऐसे समय में आए हैं जब विश्व नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए एकत्र हुए हैं, जहां बढ़ते अमेरिका-ईरान टकराव और व्यापक पश्चिम एशिया तनाव अंतरराष्ट्रीय चिंता के प्रमुख मुद्दे बने रहने की उम्मीद है.

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