UAE और ईरान के बीच तनाव कम करने की बड़ी कोशिश, ब्रिक्स सम्मिट में मिले राष्ट्रपति और क्राउन प्रिंस.

खाड़ी देशों और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही दूरियों को मिटाने के लिए एक बेहद अहम कसमसाहट देखने को मिली है। 18वें BRICS Summit के दौरान भारत की राजधानी New Delhi में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और यूएई के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य मकसद पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करना और आपसी रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाना था। दोनों नेताओं की इस मुलाकात को कूटनीति के लिहाज से बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में लगातार तनाव का माहौल बना हुआ था।
तनाव भुलाकर आगे बढ़ने पर बनी सहमति
मुलाकात के अगले दिन यानी रविवार, 13 सितंबर 2026 को ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने मीडिया से बात करते हुए इस चर्चा को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने पुरानी बातों को पीछे छोड़कर एक नए दौर की शुरुआत करने पर सहमति जताई है। हालांकि अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने इस बैठक की बहुत ज्यादा अंदरूनी बातें साझा नहीं कीं, लेकिन उन्होंने इस बात की पुष्टि जरूर की कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर बात की। बातचीत का मुख्य जोर शांति स्थापना, स्थिरता और तनाव को पूरी तरह से खत्म करने पर था।
अमेरिका के सैन्य अड्डों पर क्या बोले ईरानी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने यूएई और बाकी खाड़ी देशों को अपने भाइयों जैसा बताया और साफ किया कि ईरान के मन में अपने इन पड़ोसी देशों के खिलाफ कोई भी नाराजगी नहीं है। उन्होंने खुलकर कहा कि इस पूरे विवाद की असली जड़ उन देशों की जमीन पर मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस हैं। आपको बता दें कि यह बातचीत उस संयुक्त बयान के कुछ ही घंटे बाद हुई थी जिस पर ईरान, यूएई और अन्य ब्रिक्स सदस्यों ने मिलकर हस्ताक्षर किए थे। इस साझा बयान में सभी क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान पूरी तरह से संयम बरतने की अपील की गई थी।
ब्रिक्स सम्मेलन में न्यू दिल्ली घोषणा पत्र हुआ पास
यह बड़ा सम्मेलन 13 सितंबर को New Delhi Declaration को अपनाने के साथ समाप्त हुआ। इस घोषणा पत्र में पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रही हिंसा पर गहरी चिंता जताई गई थी। इसमें सभी पक्षों से यह अपील की गई थी कि वे जंग या टकराव के बजाय बातचीत, कूटनीति और आम नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें। इसके साथ ही वैश्विक व्यापार के रास्तों और ऊर्जा के बुनियादी ढांचों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया था। सम्मेलन के आखिरी दिन अपने संबोधन में ईरानी राष्ट्रपति ने एकतरफा पाबंदियों के बुरे असर का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रतिबंधों की वजह से दुनिया भर में भुखमरी का खतरा और लोगों का कल्याण सीधे तौर पर प्रभावित होता है, जिसे रोका जाना बेहद जरूरी है।