हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान का बड़ा ऐलान, प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र बनाने की तैयारी से बढ़ी टेंशन.

Nura Basta7 September 20263 min read28 viewsWorld
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान का बड़ा ऐलान, प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र बनाने की तैयारी से बढ़ी टेंशन.

फारस की खाड़ी और सामरिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास का माहौल इन दिनों काफी तनावपूर्ण चल रहा है। रविवार, 6 सितंबर 2026 को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि ईरान जल्द ही इस इलाके में एक प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र बनाने जा रहा है। इस नए कदम से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और वहां से गुजरने वाले जहाजों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। इस पूरी स्थिति का असर उन तमाम लोगों पर भी पड़ रहा है जो इन रास्तों से जुड़े कारोबार या यात्रा पर निर्भर हैं।

प्रतिबंधित क्षेत्र और ओमान के साथ बातचीत

अधिकारियों के मुताबिक, यह नया प्रतिबंधित इलाका अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी लाइन से लेकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैलेगा। ईरान ने यह चेतावनी भी दी है कि जो भी जहाज इस तयशुदा जोन को पार करने की कोशिश करेगा, उसे ईरान की सैंक्शन यानी प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा। इसके अलावा, ईरान ओमान के साथ एक समुद्री गलियारे को लेकर भी बातचीत कर रहा है। इस समझौते के तहत आने-जाने के सभी रास्ते ईरान के नियंत्रण में आ जाएंगे, जिससे इस समुद्री मार्ग पर ईरान का प्रभाव और ज्यादा बढ़ जाएगा।

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सैन्य तनाव और हमलों के दावे

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इलाके में सैन्य तनाव अपने चरम पर है। मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें जलडमरूमध्य के सुरक्षित होने की बात कही गई थी। रेजाई ने दावा किया कि यह जलमार्ग अब पूरी तरह से बंद हो चुका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने अपने इस बयान से लगभग 48 घंटे पहले एक अमेरिकी नौसेना के जहाज के ऊपर एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। दूसरी ओर, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेरल गालिबफ ने साफ कर दिया कि अब संतुलित जवाब देने का दौर खत्म हो चुका है और देश अब और अधिक तेज, भारी और दर्दनाक प्रतिक्रिया की तरफ बढ़ रहा है।

आईजीआरसी और अमेरिकी अधिकारियों के बयान

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC के अनुसार, उनके नौसैनिक बलों ने हाल ही में तीन ऐसे तेल टैंकरों को निशाना बनाया जो बिना अनुमति वाले रास्तों पर चल रहे थे। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका से जुड़े तीन अन्य जहाजों पर भी हमले का दावा किया। IRGC ने यह भी कहा कि उन्होंने एक अमेरिकी नौसैनिक ड्रोन को मार गिराया है। हालांकि, अमेरिकी CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने इस दावे को पूरी तरह से झूठ बताया। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने जानकारी दी कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी की वजह से तीन जहाज पूरी तरह से काम करने लायक नहीं रहे और 92 अन्य जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। इन बाधाओं के बावजूद, उन्होंने बताया कि इस रास्ते से तेल की आवाजाही अभी भी रोजाना 9 मिलियन बैरल यानी संघर्ष से पहले के मुकाबले दो-तिहाई स्तर पर बनी हुई है।

शिपिंग और बीमा पर असर

7 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में गिरकर सिर्फ 8.5% पर आ गई है। वहीं ट्रांजिट वॉल्यूम घटकर 13.3% रह गया है, जिसके कारण युद्ध जोखिम बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सैन फ्रांसिस्को यूनिवर्सिटी के मिडिल ईस्टर्न स्टडीज के संस्थापक अध्यक्ष स्टीफन जुनेस ने चेतावनी दी है कि इस नए प्रतिबंधित क्षेत्र के बनने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और अमेरिकी संपत्तियों पर दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है। इन तमाम घटनाओं के बीच, अमेरिका के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के चलते ईरान ने भारी मात्रा में पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल के दाम भी बढ़ा दिए हैं।

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