खाड़ी में तनाव बढ़ा: ईरान ने किया नए प्रतिबंधित क्षेत्र और शिपिंग कॉरिडोर का ऐलान, अमेरिका को दी चेतावनी

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 7 सितंबर 2026 को ईरानी अधिकारियों ने खाड़ी क्षेत्र के भीतर एक नए प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा करने की पूरी तैयारी कर ली है और इसके साथ ही एक तय शिपिंग कॉरिडोर के नक्शे भी जारी किए जाएंगे। इस बड़े फैसले से खाड़ी के पानी में हलचल तेज हो गई है और आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं।
होरमुज जलडमरूमध्य और नया शिपिंग कॉरिडोर
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने रविवार, 6 सितंबर 2026 को शुरुआती बयान दिए थे। उन्होंने साफ किया था कि होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले इस नए रास्ते के नक्शे पर आने वाले दिनों में हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह नया कॉरिडोर ईरानी और ओमान के पानी से होकर गुजरेगा और इसकी मुख्य देखरेख व प्रबंधन का जिम्मा ईरान के पास ही रहेगा। ईरानी सरकार का कहना है कि वे होरमुज जलडमरूमध्य को तभी खुला रखेंगे जब अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी मौजूदा तोड़फोड़, धमकियों और हमलों को पूरी तरह रोक देगा।
प्रतिबंधित क्षेत्र और कमर्शियल जहाजों पर असर
ईरानी सरकार के मुताबिक, यह नया प्रतिबंधित क्षेत्र वहां से शुरू होगा जहां अमेरिका का नौसैनिक नाकाबंदी अभियान शुरू होता है और यह खाड़ी के बड़े हिस्से तक फैलेगा। तेहरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि जो भी जहाज बिना किसी पूर्व अनुमति या समन्वय के इस क्षेत्र में घुसेगा, उसे ईरान की सैंक्शन लिस्ट यानी पाबंदी वाली सूची में डाल दिया जाएगा। इससे उन जहाजों के बीमा कवर और भविष्य में आने-जाने के अधिकारों पर बुरा असर पड़ सकता है।
6 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने इस नाकाबंदी के चलते 92 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है, 3 जहाजों को निष्क्रिय किया है और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की है। इन घटनाओं के कारण होरमुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल ट्रैफिक यानी व्यापारिक जहाजों की आवाजाही मई के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। पिछले 10 दिनों में औसतन केवल 10 कमोडिटी जहाज ही प्रतिदिन इस रास्ते से गुजर रहे हैं।
सैन्य टकराव और क्षेत्रीय हालात
क्षेत्रीय तनाव पिछले कुछ दिनों में और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी भी हुई है। अमेरिकी बलों ने शनिवार को ईरान के 3 तेल टैंकरों पर हमला किया, जबकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिकी युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की बात कही। पिछले 48 घंटों के भीतर, ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत के ऊपर एक नई एंटी-डिस्ट्रॉयर मिसाइल का परीक्षण किया है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने एक मानवरहित जहाज पर हमले के अन्य दावों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें सरासर झूठ बताया है।
ईरानी नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं
इन नीतियों का समर्थन करते हुए ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़ ने चेतावनी दी कि यदि ईरानी सुरक्षा पर आगे भी कोई आक्रामकता दिखाई गई, तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक तेज, भारी और दर्दनाक होगा। इसके अलावा, अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदानिज़ादेह ने स्पष्ट किया कि ईरान अमेरिकी आर्थिक दबाव का सामना करने के लिए अपने अंदरूनी सुधारों का सहारा लेगा, न कि अपनी मौजूदा नीति में कोई बदलाव करेगा।
सोमवार को ईरानी विदेश मंत्रालय ने दक्षिण कोरिया को भी सीधे तौर पर चेतावनी दी कि वह अमेरिका के होरमुज जलडमरूमध्य वाले अभियानों में किसी भी तरह की सैन्य हिस्सेदारी से दूर रहे। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि यदि ऐसा किया गया तो इसके बहुत गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इन हालातों को देखते हुए खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।