ईरान की संसद ने मेहरदाद अखलागी केताबची को रक्षा मंत्री नियुक्त किया और उन्होंने अमेरिका को बड़ी चेतावनी दी

तेहरान: ईरान की संसद ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को मेहरदाद अखलागी केताबची को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त कर दिया है। एक वर्चुअल सत्र के दौरान 277 सांसदों में से 237 ने उनके पक्ष में वोट दिया, जबकि 15 ने विरोध किया। तकनीकी दिक्कतों की वजह से 25 सदस्य मतदान नहीं कर सके।
अखलागी ने कार्यवाहक रक्षा मंत्री माजिद एब्न अल-रेजा की जगह ली है। इससे पहले फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में पूर्व मंत्री अजीज नासिरजादेह की मौत हो गई थी।
नवनियुक्त रक्षा मंत्री मेहरदाद अखलागी ईरान के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र के पुराने खिलाड़ी हैं। वे पहले एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन और डिफेंस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन का नेतृत्व कर चुके हैं। उन पर अमेरिका और यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध लगा रखे हैं और 2007 में संयुक्त राष्ट्र ने भी उन्हें शाहिद बघेरी इंडस्ट्रियल ग्रुप से संबंधों के कारण अपनी सूची में रखा था।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि अखलागी पिछले 35 सालों से हत्या की सूचियों में शामिल रहे हैं। पद संभालने के बाद अखलागी ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वाशिंगटन ने एक और गलती की, तो ईरान उसे भारी नुकसान पहुंचाएगा।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की कि वे क्षेत्र से अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता दें। अखलागी ने साफ किया कि किसी भी सैन्य तनाव से अमेरिका को भारी जनहानि उठानी पड़ेगी। अमेरिका के 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (MOAB) के इस्तेमाल की आशंका पर उन्होंने कहा कि ईरान ने जरूरी सावधानी बरती है और वह निश्चिंत है।
अखलागी के रणनीतिक कार्यक्रम में मिसाइल तकनीक को तेज करना, सैन्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना और 'रेजिस्टेंस फ्रंट' को मजबूत करना शामिल है। दूसरी तरफ, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान के परमाणु लक्ष्यों को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालने वाली किसी भी चाल को बर्दाश्त नहीं करेगा।
जून के समझौते के टूटने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और बीच-बीच में हमले हो रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेविगेशन की आजादी को लेकर भी विवाद जारी है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने बताया कि सशस्त्र बलों ने किसी भी नए सैन्य हमले का जवाब देने के लिए एक विनाशकारी ऑपरेशन प्लान तैयार कर लिया है।