Iran News: मिनाब स्कूल हमले पर ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा बयान, कभी नहीं भूलेंगे यह दर्दनाक हादसा

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने तेहरान में आयोजित एक कला प्रदर्शनी के दौरान कहा कि ईरानी जनता मिनाब के स्कूल पर हुए घातक हमले को कभी नहीं भूलेगी और न ही कभी माफ करेगी। यह दर्दनाक हमला इस साल 28 फरवरी 2026 को Shajareh Tayyebeh Elementary School पर हुआ था। इस दौरान ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के उन पुराने बयानों को भी याद किया गया, जिसमें उन्होंने इस अमेरिकी और जायोनी आक्रामकता को देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज रहने की बात कही थी। इस घटना के बाद से आम लोगों में भारी गुस्सा है और पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है।
मिनाब स्कूल हमले में मासूम बच्चों की मौत
इस क्रूर हमले में कम से कम 156 नागरिक मारे गए थे, जिनमें 120 स्कूली बच्चे शामिल थे। यह पिछले छह महीने से चल रहे संघर्ष के दौरान नागरिकों की मौत का सबसे बड़ा और भयानक मामला माना जा रहा है। अमेरिकी सेना की शुरुआती आंतरिक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि यह हमला पास के एक ईरानी बेस पर निशाना साधने के दौरान पुरानी जानकारी के इस्तेमाल की वजह से गलती से हुआ था। हालांकि, अभी तक न तो अमेरिका और न ही इस्राइल ने आधिकारिक तौर पर इस टोमाहॉक मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली है, जिससे लोगों का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया है.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा
विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने पिछले महीने 27 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के एक आपातकालीन सत्र में इस घटना को एक सोची-समझी साजिश, युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका और इस्राइल के पास आधुनिक और उन्नत सैन्य तकनीक है, इसलिए यह हमला कभी भी एक दुर्घटना नहीं हो सकता है। इस हमले में एआई तकनीक और आधुनिक युद्ध प्रणालियों के इस्तेमाल की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और अमेरिकी सीनेटरों का भी ध्यान खींचा है, जिन्होंने इस मामले में पूरी पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही की मांग की है।
पारदर्शिता की कमी पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता
इस साल जुलाई 2026 में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इस मामले में पारदर्शिता की भारी कमी पर गहरी चिंता जताई थी। उनका कहना था कि अमेरिका और इस्राइल द्वारा आधिकारिक जांच के नतीजे सार्वजनिक न करने से आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। यूनेस्को ने भी पहले ही साफ कर दिया था कि किसी भी सैन्य अभियान के दौरान प्राथमिक विद्यालय पर बमबारी करना मानवीय कानून का एक गंभीर उल्लंघन है। तेहरान में लगी यह प्रदर्शनी दुनिया भर में चल रहे उन आयोजनों का हिस्सा है, जिसके तहत नई दिल्ली में भी 'Minab Children Still Draw the Sun' नाम से एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई है, जिसमें मलबे से सुरक्षित निकाले गए बच्चों के चित्र रखे गए हैं।