अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बाद ईरान ने बढ़ाई अपनी ताकत, सेना प्रमुख ने ड्रोन तकनीक में बड़ी प्रगति का दावा किया
ईरानी सेना प्रमुख आमिर हातेमी ने ड्रोन तकनीक में बड़ी प्रगति का दावा किया है और ओमान सागर में दुश्मन जहाजों को चेतावनी दी है।

तेहरान: ईरानी सेना के कमांडर मेजर जनरल आमिर हातेमी ने घोषणा की है कि ईरान ने अपनी ड्रोन क्षमताओं को काफी मजबूत कर लिया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और इजरायल के साथ हुए दो हालिया युद्धों से मिले सबक की वजह से यह प्रगति संभव हो पाई है।
एक सैन्य सुविधा के दौरे के दौरान हातेमी ने कहा कि सशस्त्र बलों ने मानवरहित हवाई, सतह और माइक्रो-ड्रोन तकनीकों में काफी परिपक्वता हासिल कर ली है। अब ये सिस्टम ईरान की रक्षा रणनीति और Asymmetric warfare की तैयारी का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं।
सेना प्रमुख ने बताया कि सेना अब इन सिस्टमों के उत्पादन, रखरखाव और कर्मियों के प्रशिक्षण पर पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने विशेष रूप से 'अराश' सीरीज के ड्रोन पर जोर दिया। हातेमी के मुताबिक, ईरान अब पिछली लड़ाइयों के मुकाबले मात्रा और गुणवत्ता दोनों के लिहाज से ज्यादा मजबूत स्थिति में है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ओमान सागर के निर्धारित परिचालन क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले किसी भी दुश्मन जहाज को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले विशेष उपकरणों के इस्तेमाल से विरोधियों को चौंकाने में सफलता मिली थी।
दूसरी ओर, IRGC प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने बताया कि ईरान 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' नाम का एक नया हथियार पेश करने की तैयारी कर रहा है। मोहेबी ने कहा कि 12 दिनों के युद्ध के बाद से राष्ट्रीय मिसाइल क्षमताओं में काफी सुधार हुआ है।
सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, जून 2025 में अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ 12 दिनों का संघर्ष हुआ था। इसके बाद 28 फरवरी 2026 को दूसरा सैन्य हमला शुरू हुआ, जो 40 दिनों तक चला और अप्रैल 2026 की शुरुआत में खत्म हुआ।
यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब रियाद और मदीना के ऊपर ड्रोन पकड़े जाने की खबरें आई हैं और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति में रणनीतिक बदलाव देखे जा रहे हैं।