ईरान सेना प्रमुख की चेतावनी: किसी भी सैन्य दुस्साहस पर मिलेगा करारा जवाब

ईरान और उसके विरोधियों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अमीर हातेमी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी दुश्मन ने देश के खिलाफ सैन्य दुस्साहस या शरारत करने की कोशिश की, तो ईरानी सशस्त्र बल उसका 'कुचल देने वाला' जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह बयान उन्होंने फारस प्रांत में सेना की इकाइयों का निरीक्षण करते समय दिया, जहां उन्होंने सैनिकों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया।
जनरल हातेमी ने वर्तमान स्थिति को अमेरिका और इजरायल द्वारा थोपा गया एक युद्ध बताया, जो अभी खत्म नहीं हुआ है। उनके अनुसार, जब दुश्मन सैन्य मोर्चे पर नाकाम रहे, तो उन्होंने अपनी रणनीति बदली और अब आर्थिक प्रतिबंधों, दबाव और देश के भीतर असुरक्षा पैदा करने की कोशिशों का सहारा ले रहे हैं। इस तनाव के बीच ईरान ने अपनी घरेलू मिसाइल प्रणालियों की रेंज को और बढ़ाने की योजना की घोषणा भी कर दी है।
कूटनीति और सैन्य शक्ति का संतुलन
ईरान के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने भी इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का कहना है कि उनकी सरकार ने देश की विशेष परिस्थितियों से निपटने के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाया है और ईरान ने आर्थिक युद्ध में दुश्मन को अपने लक्ष्यों को हासिल करने से रोकने में सफलता पाई है। वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वर्तमान संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है और उन्होंने 'न्याय और निष्पक्षता' पर आधारित बातचीत की वकालत की। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर विरोधी सैन्य टकराव का रास्ता चुनते हैं, तो ईरान की प्रतिक्रिया कहीं अधिक जोरदार होगी।
दूसरी ओर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि इसे दोबारा खोलने का फैसला ईरानी समुद्री यातायात में बाधाओं को रोकने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने से जुड़ा होगा।
क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका की गतिविधियां भी चर्चा में हैं। हालांकि 1 सितंबर के बाद से अमेरिका ने ईरान पर कोई सीधा हमला नहीं किया है, लेकिन वह अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। सऊदी अरब और कतर में पैट्रियट मिसाइल बैटरियों की तैनाती और मध्य पूर्व में यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की आवाजाही इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में सैन्य सतर्कता बढ़ी हुई है।