Iran News: ईरान के आर्मी चीफ ने दी अमेरिका और इसराइल को खुली धमकी, गल्फ देशों के लिए भी बढ़ी टेंशन.

तेहरान के इमाम अली ऑफिसर्स एकेडमी में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान ईरान के आर्मी कमांडर-इन-Chief Major General Amir Hatami ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ जंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि दुश्मनों के साथ चल रहा यह संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है और यह बहुत नाजुक दौर से गुजर रहा है। जनरल हातिमी ने दावा किया कि ईरान ने इस जंग में जीत हासिल कर ली है, लेकिन देश को अपनी स्थिति मजबूत रखनी होगी। उन्होंने दुश्मन देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी सैनिकों की तरफ से आने वाले दिनों में और भी ज्यादा खतरनाक और बड़े हमले किए जा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें तैयार रहना चाहिए।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज और खाड़ी देशों को लेकर कड़ी चेतावनी
युद्ध की शुरुआत में सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की हत्या को लेकर जनरल हातिमी ने कहा कि दुश्मन ने गलत अंदाजा लगाया था, जिससे देश में कोई अफरातफरी नहीं फैली बल्कि पूरा ईरान अपनी सेना के समर्थन में एकजुट हो गया। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के बारे में बात करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि यह रास्ता ईरान की इज्जत और शान का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान को व्यापार करने से रोका गया, तो दुनिया के किसी भी अन्य देश को भी इस रास्ते से व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थानीय देशों द्वारा संभाली जानी चाहिए, न कि अमेरिका द्वारा, और अमेरिकी तथा इसराइली सैनिकों की मौजूदगी को अब इस क्षेत्र से खत्म होना चाहिए।
गल्फ देशों और प्रवासियों पर असर
जनरल हातिमी ने सीधे तौर पर UAE, Saudi Arabia, Bahrain, Qatar और Oman जैसे गल्फ देशों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ दोस्ती या सहयोग करने से किसी भी देश की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं मिल सकती है। इन बयानों के बीच आईआरजीसी ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ड्रोन को जासूसी के आरोप में पकड़ने का दावा किया है। वहीं यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी नीत गठबंधन के बीच लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का दौर जारी है, जिससे रियाद और तेल ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया जा रहा है। इन बढ़ते तनावों की वजह से दुबई, अबू धाबी, दोहा, मनामा और रियाद जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी कामगारों की जिंदगी पर सीधा असर पड़ा है। शिपिंग में देरी, बीमा खर्च बढ़ने, उड़ानों के रद्द होने या रास्ते बदलने से खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। गल्फ देशों के नेताओं ने ईरान की इन हरकतों की निंदा की है, लेकिन अभी तक कूटनीतिक स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बनी हुई हैं।