ईरानी सेना प्रमुख ने ड्रोन क्षमता बढ़ाने का दावा किया और कहा कि देश एसिमेट्रिक वॉरफेयर के लिए पूरी तरह तैयार है
ईरानी सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी ने ड्रोन तकनीक में बढ़त और दुश्मनों से निपटने के लिए एसिमेट्रिक वॉरफेयर की तैयारी का ऐलान किया है।

तेहरान: ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने देश की ड्रोन क्षमताओं में बड़ी बढ़त का दावा किया है। उन्होंने साफ किया कि ईरानी सेना अब एसिमेट्रिक वॉरफेयर यानी विषम युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।
कॉम्बैट और अटैक ड्रोन बनाने वाली एक फैसिलिटी के दौरे के दौरान हातमी ने बताया कि सेना की चारों शाखाओं को संभावित खतरों से निपटने के लिए लैस कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने विरोधियों की क्षमताओं का बारीकी से आकलन किया है। इसी के आधार पर ड्रोन और मानवरहित जहाजों जैसे हथियारों को जोड़कर रक्षा रणनीति को मजबूत किया गया है।
मेजर जनरल हातमी ने रक्षा मंत्रालय के सहयोग से तैयार की गई 'अराश' ड्रोन सीरीज को एक अहम औद्योगिक प्रोजेक्ट बताया। उनके मुताबिक घरेलू मानवरहित सिस्टम तकनीक अब काफी परिपक्व हो चुकी है। सेना अब इन हथियारों के उत्पादन, वितरण और रखरखाव के काम में लगी है, जिसके लिए कर्मियों को विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
इससे पहले 20 अक्टूबर को जनरल स्टाफ के प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी थी कि ईरान के खिलाफ किसी भी नए हमले का जवाब बहुत कड़ा होगा। सितंबर के आखिर में सेना के कार्यकारी मामलों के डिप्टी ब्रिगेडियर जनरल अलीरेजा शेख ने पुष्टि की थी कि अराश ड्रोन को युद्ध के मैदान में अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपग्रेड किया गया है।
सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेकरची ने भी बताया कि देश अब एसिमेट्रिक डिफेंस के लिए नई घरेलू सैन्य तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु, मिसाइल और ड्रोन बुनियादी ढांचे को लेकर रणनीतिक योजना बनाने की खबरें आ रही हैं। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने क्षेत्रीय खतरों का हवाला देते हुए मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति में बदलाव के संकेत दिए हैं।