Bahrain पर ईरान का बड़ा हमला, शेख ईसा एयर बेस को बनाया निशाना, आर्मी ने बदला लेने का किया ऐलान।

मध्य पूर्व में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और हाल ही में ईरान की सेना ने कड़ा बदला लेने का ऐलान किया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की आर्मी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी-निया ने 2 सितंबर 2026 को देश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि दुश्मन के बुरे कामों और हमलों का पूरा हिसाब चुकाया जाएगा। इस बड़े बयान के बाद से पूरे खाड़ी देशों में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और आम लोगों के मन में भी सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा होने लगी हैं।
थंडरबोल्ट ऑपरेशन के तहत बहरीन पर बड़ा हमला
रात के समय 1 सितंबर और 2 सितंबर 2026 के बीच, ईरान ने अमेरिका के ताजा हमलों के जवाब में कई बड़े सैन्य ऑपरेशन चलाए। ईरान ने अपने एक ऑपरेशन के 29वें चरण को अंजाम दिया जिसे 'थंडरबोल्ट' नाम दिया गया था। इस दौरान ईरान की सेना ने बड़े पैमाने पर कामिकेज ड्रोन का इस्तेमाल किया और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सेना तथा रडार ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी सेना ने साफ किया कि बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर किया गया यह हमला दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सेना द्वारा हाल ही में किए गए हमलों का सीधा जवाब था।
दूसरी तरफ, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि जॉर्डन में स्थित अमेरिकी मरीन बेस कैंप टिटिन पर भारी बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया है। इस हमले में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान होने का दावा किया गया। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस हमले की बात स्वीकार की, लेकिन उन्होंने साफ किया कि इस हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई है और ज्यादातर आने वाली मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया गया था।
ईरान के सैन्य अधिकारियों की आक्रामक चेतावनी
तेहरान में बैठे सैन्य नेताओं का रुख अब पूरी तरह से बदल चुका है और वे पहले से ज्यादा आक्रामक मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघारी ने 1 सितंबर 2026 को बयान दिया था कि देश अब और अधिक संयम नहीं बरतेगा। उन्होंने बहरीन और कुवैत को खास तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि उनके लिए 'उपहार रास्ते में हैं'। इसके अलावा, ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अल्फज़ल शकरची ने 'अंतिम और अपरिवर्तनीय' प्रतिक्रिया देने की कसम खाई और वॉशिंगटन को चेतावनी दी कि ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाने की कीमत उन्हें चुकानी होगी।
ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने उन सभी देशों को भी आगाह किया जो अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में मदद कर रहे हैं। IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिका अपने इन कामों पर बहुत पछताएगा। ये सभी घटनाएं इस बात की गवाही देती हैं कि ईरान ने अपनी पुरानी रक्षात्मक नीतियों को छोड़कर अब आक्रामक रास्ता अपना लिया है। ईरानी अधिकारियों ने इस बदलाव के संकेत अगस्त 2026 में ही दे दिए थे जब उन्होंने नए मोर्चे खोलने और जंग के नए तरीकों का इस्तेमाल करने की चेतावनी दी थी। बहरीन और कुवैत जैसे देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों के बीच इन लगातार हमलों और धमकियों के कारण सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।