ईरान का दो टूक संदेश: हमला हुआ तो दुश्मन के जहाज़ों पर फिर वार

ईरान: ईरानी सेना के उप-समन्वयक रियर एडमिरल हबीबुल्लाह सय्यारी ने 11 अक्टूबर 2026 को साफ़ कहा कि अगर देश पर दोबारा हमला हुआ तो ईरान दुश्मन के जहाज़ों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके इस बयान ने पहले से गरम समुद्री इलाके में तनाव को और बढ़ा दिया है।
सय्यारी के मुताबिक़ ईरान पहले भी दुश्मन के समुद्री ठिकानों पर बड़ी चोट कर चुका है, और उसके पास ऐसी क्षमताएँ हैं जो दुनिया के स्तर की मानी जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की रक्षा रणनीति पर कोई बंदिश नहीं है। उनके अनुसार ये कदम ईरान की क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय सम्मान और इस्लामी क्रांति की रक्षा के लिए ज़रूरी हैं।
होर्मुज़ से लेकर खाड़ी तक, एक के बाद एक घटनाएँ
सेना के इस बयान के साथ ही ईरान के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों की चेतावनियाँ भी सामने आईं। ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा कि भविष्य में किसी भी सैन्य आक्रमण का जवाब पिछली कार्रवाइयों से अलग और निर्णायक होगा। उन्होंने संकेत दिया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को विरोधियों के खिलाफ एक औज़ार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ़ के सलाहकार मोहम्मद रज़ा नक़दी ने चेताया कि किसी भी नई मिसाइल या हवाई हमले का जवाब कहीं भारी और कुचल देने वाला होगा।
हालात की जड़ में हाल की कुछ घटनाएँ हैं। 9 अक्टूबर को IRGC नौसेना ने बताया कि एलपीजी कैरियर NV Sunshine होर्मुज़ से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान आग की चपेट में आ गया। जहाज़ ने यह रास्ता बिना अनुमति के चुना था। IRGC ने इस घटना के लिए अमेरिकी सेना को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि इससे क्षेत्र की समुद्री अस्थिरता बढ़ रही है।
11 अक्टूबर को यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने होर्मुज़ में एक टैं