ईरान के करमन प्रांत से 31 जासूस गिरफ्तार, अमेरिका और इजराइल के समर्थन का आरोप

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान की खुफिया एजेंसी ने देश के करमन प्रांत के सिर्जान जिले से कुल 31 जासूसों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सभी आरोपी चार अलग-अलग समूहों में बंटे हुए थे और इनका मुख्य उद्देश्य देश के भीतर अशांति और हिंसा फैलाना था।
खुफिया मंत्रालय का आरोप है कि इन सभी गिरफ्तार लोगों को अमेरिका और इजराइल जैसी विदेशी ताकतों का समर्थन प्राप्त था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन असामाजिक तत्वों ने देश के किशोरों और युवाओं को अपने नापाक जाल में फंसाने की एक बड़ी साजिश रची थी। इसके लिए उन्होंने बड़े पैमाने पर पेट्रोल बम भी तैयार कर रखे थे।
क्या थी इनकी साजिश?
योजना के तहत इन लोगों का इरादा शहर के सीसीटीवी कैमरों और महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट करना था। कैमरों को खराब करने के बाद सड़कों पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और हिंसा को अंजाम देने की तैयारी थी। इसके अलावा, इन पर पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान भी हिंसा और अराजकता में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।
खुफिया नेटवर्क ध्वस्त
ईरानी खुफिया मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस खतरनाक नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन ने करमन प्रांत और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।