अमेरिका के जवाब का इंतज़ार कर रहा है ईरान, युद्ध खत्म करने के लिए रखी बड़ी शर्तें.

शनिवार, 19 सितंबर 2026 को ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहsen रज़ाई ने अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि तेहरान ने मौजूदा क्षेत्रीय युद्ध को खत्म करने के लिए अपनी शर्तें भेज दी हैं और अब उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतज़ार है। कतरी मध्यस्थ के ज़रिए भेजी गई इन शर्तों में मुख्य रूप से सभी मोर्चों पर जंग रोकने, ईरान के जमे हुए फंड को वापस करने और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को खत्म करने की मांग शामिल है।
ईरान की तैयारी और परमाणु नीति पर नया रुख
मोहसेन रज़ाई ने दावा किया कि ईरान किसी भी "निर्णायक युद्ध" के लिए पूरी तरह तैयार है और अमेरिकी धमकियों का कोई असर नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा इस्लामाबाद समझौते से पीछे हटने के बाद ईरान ने अपनी सुरक्षा रणनीतियों में बदलाव कर लिया है। हाल ही में अमेरिकी विमानवाहक पोत के पास ईरान द्वारा किए गए एंटी-शिप मिसाइल परीक्षण के बाद से तनाव काफी बढ़ गया है। रज़ाई ने चेतावनी दी कि अगर आगे कोई उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर और भी ताकतवर हमले करेगा। परमाणु नीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दिवंगत सुप्रीम लीडर के फतवे के अनुसार वे परमाणु हथियार के खिलाफ हैं, लेकिन अमेरिका और इज़राइल का दबाव जारी रहा तो तेहरान परमाणु अप्रसार संधि से बाहर भी निकल सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान और कूटनीतिक गतिविधियां
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 17 सितंबर को कहा था कि ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने को लेकर उन्हें एक बड़ा फैसला लेना है। उन्होंने यह भी बताया कि तेहरान अभी भी सीधे संपर्क में है और किसी समझौते की तलाश कर रहा है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि यह संघर्ष अब खत्म होने की कगार पर है और वह मंगलवार को न्यूयॉर्क में छह फारसी खाड़ी देशों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। कूटनीतिक मोर्चे पर स्थिति काफी उलझी हुई है। जहां एक तरफ रज़ाई ने पाकिस्तानी मध्यस्थता का जिक्र किया, वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ किया कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी का 20 सितंबर का दौरा केवल द्विपक्षीय रिश्तों पर केंद्रित है। दूसरी ओर, विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चीन में अपनी यात्रा को सफल बताया और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शांति प्रस्तावों का समर्थन किया।
खाड़ी देशों में लगातार बढ़ रहा है तनाव
क्षेत्रीय अशांति का असर लगातार देखने को मिल रहा है। हाल ही में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जेट-ईंधन भंडारण सुविधा पर ड्रोन हमला हुआ, जिसकी जिम्मेदारी हौथी विद्रोहियों ने ली है। इसके अलावा, शुक्रवार, 18 सितंबर को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकर जहाजों को मिसाइलों से निशाना बनाया गया। ईरान ने दावा किया कि उसने अवैध रूप से सीमा पार करने पर एक जहाज को मारा है। अमेरिकी सेना ने पिछले कुछ महीनों में फारसी खाड़ी से 2,000 से अधिक व्यावसायिक जहाजों और 1 अरब बैरल तेल को एस्कॉर्ट करने की रिपोर्ट दी है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA ने 9 सितंबर को बताया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी पिछले छह महीनों से बंद है, जिसके बाद एजेंसी ने ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सौंप दिया है।