ईरान के समुद्री नाकाबंदी के बाद 96 कमर्शियल जहाज हुए डायवर्ट, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कम हुआ ट्रैफिक.

Aanya10 September 20262 min read27 viewsWorld
ईरान के समुद्री नाकाबंदी के बाद 96 कमर्शियल जहाज हुए डायवर्ट, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कम हुआ ट्रैफिक.

अमेरिका की सेना ने हाल ही में एक बड़ी जानकारी साझा की है जिसमें बताया गया कि ईरान द्वारा दोबारा शुरू की गई समुद्री नाकाबंदी के बाद से अब तक कुल 96 कमर्शियल जहाजों को उनके रास्ते से डायवर्ट करना पड़ा है। सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM की तरफ से यह रिपोर्ट 10 सितंबर 2026 को जारी की गई, जिसमें पिछले कुछ दिनों के मुकाबले जहाजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस पूरी स्थिति के कारण खाड़ी देशों और समुद्र में सफर करने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है, जिसका असर उन भारतीय प्रवासियों और कामगारों पर भी पड़ रहा है जो इन इलाकों से जुड़े कारोबार या यात्रा करते हैं।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ट्रैफिक हुआ बेहद कम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नाकाबंदी और तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक 10 सितंबर को इस रूट से केवल 7 जहाज ही गुजरते हुए रिकॉर्ड किए गए, जबकि इसके पिछले दिन यह संख्या 12 थी और 10 दिनों का औसत 14 था। हालांकि कड़े नियमों के बीच भी मानवीय सहायता ले जाने वाले 50 से अधिक जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति दी गई है। अमेरिका के एनर्जी इंफॉर्मेशन प्रशासन का मानना है कि इस तरह की पाबंदियां साल 2026 के अंत तक ऐसी ही बनी रह सकती हैं, जिससे व्यापार पर काफी असर पड़ेगा।

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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य टकराव

क्षेत्र में हालात तब और ज्यादा बिगड़ गए जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने अमेरिकी नौसेना के एक मानवरहित ड्रोन पर निशाना साधने का दावा किया। इसके अलावा IRGC ने एक दिन में एक दर्जन से ज्यादा जहाजों पर हमलों की बात कही, जिसमें तेल टैंकर और अमेरिकी जहाज शामिल थे। इस बढ़ते तनाव के बीच ईरानी प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने ओमान की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों को 'नो-गो जोन' यानी प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया और चेतावनी दी कि बिना अनुमति आने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया था, जिसके बाद से लगातार सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

आर्थिक दबाव और व्यापार पर असर

इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने उन सभी देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है जो तेहरान के साथ किसी भी तरह का व्यावसायिक संबंध रखते हैं। बावजूद इसके, ईरान ने चीन के साथ बार्टर सिस्टम यानी वस्तु विनिमय प्रणाली का सहारा लिया है जिसके जरिए तेल के बदले सामान और सैन्य उपकरण मंगाए जा रहे हैं। इन तमाम पाबंदियों की वजह से ईरान का विदेशी व्यापार करीब 35 प्रतिशत तक घट गया है और जुलाई महीने में वहां की महंगाई दर बढ़कर 66 प्रतिशत दर्ज की गई। क्षेत्रीय सुरक्षा को और पेचीदा बनाते हुए यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के मोखा शहर पर कब्जा कर लिया है, जो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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