ईरान के बुशहर प्रांत ने अमेरिकी पाबंदियों के बाद भी 2.3 अरब डॉलर का निर्यात किया हासिल

ईरान के दक्षिणी बुशहर प्रांत ने अमेरिकी नौसेना की सख्त नाकेबंदी के बावजूद अपनी आर्थिक गतिविधियों को जारी रखते हुए एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। वर्तमान ईरानी कलैंडर वर्ष के पहले पांच महीनों के दौरान, जो 20 मार्च से 20 अगस्त 2026 तक की अवधि को कवर करता है, इस क्षेत्र ने 2.364 अरब डॉलर का गैर-तेल निर्यात दर्ज किया है। इस बात की जानकारी बुशहर प्रांत के सीमा शुल्क विभाग के निदेशक जनरल अली सुलेमानी ने दी है।
अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि के दौरान इस क्षेत्र से कुल 51 लाख मीट्रिक टन सामान का निर्यात किया गया। यह सफलता तब हासिल हुई जब ठीक इसके कुछ समय पहले 14 जुलाई 2026 को अमेरिकी नौसेना ने ईरानी तटीय क्षेत्रों में आवाजाही को रोकने के लिए अपनी नाकेबंदी को फिर से लागू कर दिया था। इसके बावजूद स्थानीय व्यापार और शिपिंग गतिविधियों पर इसका नकारात्मक असर पड़ने के बजाय सकारात्मक आंकड़े सामने आए हैं.
व्यापारिक आंकड़े और देशों की सूची
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस साल निर्यात मूल्य में 87 प्रतिशत और निर्यात की मात्रा में 82 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। बुशहर प्रांत से निकलने वाले उत्पाद दुनिया भर के 32 देशों तक पहुंचे। इन प्रमुख देशों में चीन, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान, तुर्की, भारत, ओमान, श्रीलंका, रूस, सिंगापुर और मलेशिया शामिल हैं। विशिष्ट व्यापार रिपोर्टों से पता चलता है कि अकेले कतर को 24,000 टन उत्पाद भेजे गए जिनकी कुल कीमत 40 लाख डॉलर थी। वहीं दूसरी ओर रूस को 14,000 टन सामान मिला जिसका कुल मूल्य 22 लाख डॉलर आंका गया।
पार्स स्पेशल इकोनॉमिक एनर्जी जोन की भूमिका
इस पूरे व्यापारिक लेन-देन में पार्स स्पेशल इकोनॉमिक एनर्जी जोन (PSEEZ) ने एक बहुत ही मुख्य केंद्र के रूप में अपनी भूमिका निभाई। अकेले इसी क्षेत्र ने कुल निर्यात मात्रा का 82 प्रतिशत और कुल निर्यात मूल्य का 87 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम किया। इस जोन से मुख्य रूप से जिन वस्तुओं को विदेशों में भेजा गया उनमें पेट्रोकेमिकल उत्पाद, तरलीकृत गैसें, सीमेंट, क्लिंकर और पत्थर प्रमुख रूप से शामिल थे।
समुद्री खाद्य व्यापार में बड़ा उछाल
केवल बड़े उद्योगों तक ही यह सफलता सीमित नहीं रही, बल्कि समुद्री खाद्य पदार्थों के व्यापार में भी इस बार एक बहुत बड़ा उछाल देखने को मिला। इस दौरान मछली और झींगा का कुल 5.84 हजार टन का निर्यात किया गया। इन समुद्री उत्पादों का कुल मूल्य 1.85 करोड़ डॉलर यानी 18.5 मिलियन डॉलर रहा। पिछले साल की तुलना में इस क्षेत्र में मूल्य के हिसाब से 176 प्रतिशत और मात्रा के लिहाज से 173 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।