प्रतिबंधों के बीच ईरान ने बैंकों से डॉलर खरीदने की दैनिक सीमा 1000 डॉलर तय की और कुल सीमा 10 हजार डॉलर रखी

प्रतिबंधों के बीच ईरान ने बैंकों से डॉलर खरीदने की दैनिक सीमा 1000 डॉलर तय की है। अमेरिकी प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।

Gautam Sahu22 October 20262 min read0 viewsWorld
प्रतिबंधों के बीच ईरान ने बैंकों से डॉलर खरीदने की दैनिक सीमा 1000 डॉलर तय की और कुल सीमा 10 हजार डॉलर रखी

तेहरान (ईरान): अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वित्तीय संकट से जूझ रहे ईरान ने बैंकों और एक्सचेंज ऑफिस से अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब कोई भी व्यक्ति एक दिन में अधिकतम 1,000 डॉलर ही खरीद सकेगा, जबकि कुल खरीदारी की सीमा 10,000 डॉलर तय की गई है।

नए नियमों के मुताबिक, कम रकम खरीदने के लिए ग्राहक अपने बैंक कार्ड और नेशनल आईडी का इस्तेमाल कर 100 से 1,000 डॉलर के बीच की मांग कर सकते हैं। कुछ चुनिंदा बैंक शाखाएं और एक्सचेंज ऑफिस अभी भी आधिकारिक दर पर डॉलर के नोट बेच रहे हैं, जिसके लिए आवेदकों को तय सिस्टम के जरिए अनुरोध करना होता है।

ईरान की मुद्रा की स्थिति काफी खराब हुई है। 22 अक्टूबर को एक अमेरिकी डॉलर 2,62,000 ईरानी रियाल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि साल की शुरुआत में यह करीब 1,35,000 रियाल था।

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यह कदम अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद आया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 16 व्यक्तियों और 10 संस्थाओं को निशाना बनाया है। अमेरिका का कहना है कि इन उपायों का मकसद तेहरान के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क, शैडो बैंकिंग और सैन्य समूहों को पैसा पहुंचाने वाले चैनलों को रोकना है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर लिखा कि ईरान की अर्थव्यवस्था पर शिकंजा कसता जा रहा है और उसके कथित सहयोगी भी उसे नहीं बचा सकते। उन्होंने कहा कि ट्रेजरी विभाग तब तक नहीं रुकेगा जब तक कि ईरानी शासन का खजाना खाली नहीं हो जाता और उसकी युद्ध मशीन को चलाने वाली वित्तीय लाइनें खत्म नहीं हो जातीं।

ट्रेजरी विभाग ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत यह कार्रवाई की है। विभाग के मुताबिक, ईरान एक इराकी बैंक के जरिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था, जो ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों की मदद भी करता था। अमेरिका का दावा है कि वह शेल कंपनियों और विदेशी मुद्रा विशेषज्ञों के जरिए चलने वाले इन नेटवर्क को खत्म कर ईरान की सैन्य ताकत को मिलने वाली कमाई रोक रहा है।

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