ईरान का दावा: Hormuz में अमेरिकी जासूसी पनडुब्बी पकड़ी, बढ़ सकता है तनाव

Nura Basta27 September 20264 min read7 viewsWorld
ईरान का दावा: Hormuz में अमेरिकी जासूसी पनडुब्बी पकड़ी, बढ़ सकता है तनाव

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नौसेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना के एक उन्नत मानवरहित पानी के भीतर चलने वाले वाहन, रेमस 600 (Remus 600) को पकड़ा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। आईआरजीसी ने बताया कि यह ऑपरेशन रविवार को हुआ और इसमें अमेरिकी "आतंकवादी सेना" के दूसरे पानी के भीतर चलने वाले उपकरण को निशाना बनाया गया था, जो रणनीतिक जलमार्ग में काम कर रहा था।

आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई एक "समन्वित और जटिल ऑपरेशन" के तहत की गई थी, जिसमें ईरानी सैन्य खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं का इस्तेमाल किया गया। उनका आरोप है कि यह अमेरिकी उपकरण जासूसी के उद्देश्य से जलडमरूमध्य में काम कर रहा था। रेमस 600 (Remus 600) एक प्रकार का बुद्धिमान और उन्नत मानवरहित पानी के भीतर चलने वाला वाहन है, जिसे आईआरजीसी नौसेना ने जब्त कर लिया है। अब यह उपकरण ईरानी सेना के विशेषज्ञों के पास है, जो इससे जानकारी निकालने का प्रयास कर रहे हैं। ईरान के राज्य प्रसारक आईआरआईबी (IRIB) के अनुसार, पकड़े गए पनडुब्बी को विशेषज्ञ सैन्य तकनीशियनों को सौंप दिया गया है ताकि वे सिस्टम का विश्लेषण कर सकें और उसमें संग्रहीत डेटा को पुनः प्राप्त कर सकें।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कड़ा रुख

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इस घटना के बाद, आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से समुद्री आवागमन पर अपना कड़ा रुख दोहराया है। उन्होंने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है और वे क्षेत्र में अनाधिकृत आवाजाही के खिलाफ "मजबूत और अथक कार्रवाई" कर रहे हैं। आईआरजीसी ने साफ शब्दों में कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और वे किसी भी खतरनाक गतिविधि या अनाधिकृत आवाजाही के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

ईरानी नेतृत्व का अमेरिका को सीधा संदेश

इससे पहले, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन (Masoud Pezeshkian) ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से लौटने के बाद हवाई अड्डे पर इकट्ठे लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के सामने दृढ़ रहेगा और पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह बात तब कही जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के सात दिवसीय संघर्ष विराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। पेज़ेश्कियन ने कहा, "हम दृढ़ता से खड़े हैं, हम अपने लोगों की सेवा में हैं, हम अपनी अंतिम सांस तक खड़े रहेंगे, और हम वादा करते हैं कि जब तक हमारे शरीर में जीवन है, हम लोगों के ईमानदार सेवक रहेंगे।"

ईरानी सेना के वरिष्ठ प्रवक्ता, ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखर्ची (Abolfazl Shekarchi) ने भी ईरानी राज्य टेलीविजन के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि तेहरान ने "दुश्मन के सामने जरा भी पीछे नहीं हटने और उसे कुचलने" का संकल्प लिया है। शेखर्ची ने कहा कि ईरान "विषम युद्ध में दुनिया का सबसे अनुभवी देश" है और उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा, "अमेरिकियों को होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने का सपना नहीं देखना चाहिए, और यदि वे हस्तक्षेप करते हैं, तो उन्हें ईरानी सशस्त्र बलों से एक जोरदार थप्पड़ मिलेगा। उन्हें हमारे क्षेत्र से बाहर निकलना होगा।" उन्होंने आगे चेतावनी दी कि "कोई भी जहाज जो ईरान द्वारा निर्धारित मार्ग से बाहर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरेगा, उसे सुरक्षा नहीं मिलेगी।"

संघर्ष विराम प्रस्ताव और उसकी अस्वीकृति

राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र में विश्व नेताओं की बैठक के लिए अमेरिका का दौरा किया था और संघर्ष को समाप्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के उद्देश्य से एक सात दिवसीय रोडमैप का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव के तहत, वाशिंगटन से अपेक्षा की गई थी कि वह ईरानी बंदरगाहों की अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा ले, ईरानी तेल बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को माफ कर दे, अनुमानित 12 अरब डॉलर (USD 12 billion) की जमी हुई ईरानी संपत्तियों को जारी करे और लेबनान और यमन सहित क्षेत्र में संघर्ष विराम का पालन करे।

बदले में, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलता, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित एक अंतिम समझौते पर अमेरिका के साथ बातचीत सातवें दिन शुरू होती। अराघची ने कहा था कि प्रारंभिक कदम चार से पांच दिन लगेंगे और जलमार्ग छठे दिन फिर से खुल जाएगा। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिवसीय संघर्ष विराम के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। इस अस्वीकृति ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस प्रकार, ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री क्षेत्र में बढ़ती सैन्य उपस्थिति और कूटनीतिक गतिरोध ने होर्मुज जलडमरूमध्य के सामरिक महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है।

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