Iran News: ईरान में गाड़ियों के दाम आसमान पर, महंगाई ने तोड़ी आम आदमी की कमर.

ईरान के घरेलू ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों हाहाकार मचा हुआ है और आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है। अमेरिका, इसराइल और तेहरान के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद से देश में गाड़ियों की कीमतें 40 से 80 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। यह बात 19 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों में पूरी तरह कन्फर्म हुई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कुछ खास गाड़ियों के मॉडल तो सितंबर 2025 के मुकाबले 130 प्रतिशत से भी ज्यादा महंगे बिक रहे हैं। इस बेतहाशा महंगाई की वजह से आम ईरानी परिवारों के लिए गाड़ी खरीदना अब एक सपना बनकर रह गया है, क्योंकि गाड़ियों के दाम और उनके रखरखाव का खर्च लोगों की कमाई से बहुत ज्यादा आगे निकल चुका है।
गाड़ी चलाना बना आम आदमी की पहुँच से बाहर
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और तेहरान कार डीलर यूनियन के पूर्व प्रमुख Saeed Motameni का कहना है कि ईरान का कार बाजार अब सिर्फ आने-जाने के साधन वाला सेक्टर नहीं रहा है। लोग अपनी घटती हुई कमाई और पैसे की वैल्यू बचाने के लिए गाड़ियों को एक इन्वेस्टमेंट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरान की बड़ी गाड़ियां बनाने वाली कंपनियां जैसे Iran Khodro और Saipa पर सप्लाई चेन टूटने का बहुत बुरा असर पड़ा है। ईरानी साल के पहले महीने में, जो कि मार्च 2026 में शुरू हुआ था, पैसेंजर कारों के प्रोडक्शन में 68 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इन दिक्कतों के पीछे अमेरिका और इसराइल की सैन्य कार्रवाई है, जिससे देश का इंडस्ट्रियल ढांचा तबाह हो गया है और स्टील शीट और पेट्रोकेमिकلز जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
ईंधन नीति में बदलाव और सरकार की सफाई
महंगाई का यह दौर सिर्फ गाड़ियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आम आदमी की जेब पर ईंधन के मोर्चे पर भी बड़ी मार पड़ी है। सरकार की प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने 8 सितंबर 2026 को एक नए प्राइसिंग सिस्टम का ऐलान किया था। इस नए नियम के तहत जो उपभोक्ता महीने में 110 लीटर से ज्यादा पेट्रोल इस्तेमाल करेंगे, उन्हें दोगुना दाम चुकाना होगा। हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम मांग और सप्लाई में संतुलन बनाने के लिए उठाया गया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ट्रांसपोर्ट और सामान ढोने वाले सेक्टर में महंगाई और ज्यादा तेजी से बढ़ेगी।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय बातचीत
बढ़ती महंगाई और रिकॉर्डतोड़ महंगाई को लेकर जनता में लगातार गुस्सा बढ़ रहा है। 19 सितंबर 2026 को ईरान के इंटीरियर मिनिस्ट्री के प्रवक्ता Ali Zeynivand ने जनता की इस चिंता को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है और हालात को संभालने की कोशिश जारी है। इन तमाम मुश्किलों के बीच क्षेत्रीय स्तर पर बातचीत का दौर भी चल रहा है। इसी क्रम में 19 सितंबर को पाकिस्तान और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच अहम बातचीत हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से ऊर्जा की सप्लाई और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे व्यापारिक रास्तों से कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा की गई, जो मौजूदा युद्ध और तनाव के कारण लगातार खतरे के साए में हैं।