अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद चीन के साथ दोस्ती पर अडिग रहा ईरान

Gautam Sahu1 October 20262 min read4 viewsWorld
अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद चीन के साथ दोस्ती पर अडिग रहा ईरान

ईरान ने अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक दबाव को दरकिनार करते हुए चीन के साथ अपने व्यापक संबंधों को और अधिक विस्तार देने की दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है। हाल ही में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में, ईरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, चाहे वैश्विक दबाव कितना भी क्यों न हो।

रणनीतिक सहयोग के नए आयाम

चीन के साथ अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से, ईरान के आर्थिक मामलों और वित्त मंत्री, सैयद अली मदानिज़ादेह ने चीन के राजदूत कोंग पेइवू के साथ चर्चा की। इस दौरान, दोनों देशों ने भविष्य के सहयोग के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की है।

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ईरान और चीन के बीच सहयोग के मुख्य क्षेत्र निम्नलिखित हैं:

  • औद्योगिक निवेश: दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर औद्योगिक परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • नई तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था: तकनीकी विकास और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
  • स्वच्छ ऊर्जा: भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए हरित ऊर्जा समाधानों पर सहयोग बढ़ेगा।
  • लॉजिस्टिक्स: व्यापार को सुगम बनाने के लिए रसद और परिवहन क्षेत्र में साझेदारी की जाएगी।

ईरान ने चीन द्वारा ईरानी संप्रभुता का समर्थन करने और क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए भी आभार व्यक्त किया है।

25 साल का व्यापक सहयोग प्लान

दोनों देश वर्तमान में एक 25-वर्षीय व्यापक सहयोग योजना को लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस साझेदारी को और अधिक मजबूती देने के लिए, ईरान और चीन BRICS और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे बहुपक्षीय मंचों का भी उपयोग करेंगे।

अमेरिकी प्रतिबंधों का ईरान पर प्रभाव

ईरान का यह कदम अमेरिका के उस हालिया कदम के जवाब में देखा जा रहा है, जिसमें अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' पहल के तहत नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान की वित्तीय सहायता के रास्तों को काटना है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट के अनुसार, इन नए प्रतिबंधों का लक्ष्य चीन, हांगकांग और पाकिस्तान में स्थित 10 व्यक्तियों और संस्थाओं को निशाना बनाना है, जिन पर ईरानी रक्षा मंत्रालय को सैन्य घटक प्राप्त करने में मदद करने का आरोप है। इनमें बीजिंग में तैनात ईरानी रक्षा प्रतिनिधि सैयद असगर अलीज़ादेह तबतबाई भी शामिल हैं।

हालांकि, चीन ऐतिहासिक रूप से ईरान का प्रमुख व्यापारिक भागीदार बना हुआ है। चीन ने पहले भी अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग किया है ताकि वह ईरानी तेल का आयात जारी रख सके। बीजिंग ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने वाणिज्यिक हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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