Strait of Hormuz पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण होने का दावा, अमेरिका की तरफ से ईरान पर नए हमलों की तैयारी
ईरान ने Strait of Hormuz पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है, जबकि अमेरिका ने ईरान पर हमले की संभावना जताई है।

तेहरान (ईरान): ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि Strait of Hormuz पर उसका पूरा नियंत्रण है। ईरान ने कहा कि इस इलाके में चलने वाले जहाजों की सुरक्षा ईरानी नियमों के मुताबिक की जा रही है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका द्वारा ईरान में सैन्य हस्तक्षेप की संभावनाओं और राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी हो रही है।
IRGC नेवी ने आरोप लगाया कि दो सुपरटैंकरों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अनधिकृत दक्षिणी रास्ते से गुजरने की कोशिश की, जिसके दौरान वे नौसैनिक बारूदी सुरंगों (माइन्स) से टकरा गए। इन जहाजों में कुल मिलाकर 45 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लदा था। बयान के मुताबिक, जहाजों के इंजन रूम में धमाके और भीषण आग लगने से वे बेकार हो गए, जिसके बाद चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिकी सैन्य जहाजों को फारस की खाड़ी में प्रवेश नहीं करने देगा। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरानी सेना ने इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना को अप्रभावी कर दिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना के दोबारा फारस की खाड़ी में आने की बात सिर्फ एक सपना है।
मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों पर भी सवाल उठाए जिनमें कहा गया था कि ईरान की परमाणु सुविधाएं तबाह हो चुकी हैं। उन्होंने पूछा कि अगर सुविधाएं खत्म हो चुकी हैं, तो वॉशिंगटन अभी भी परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता क्यों जता रहा है। अब्दुल्लाही ने इन बयानों को जनता को गुमराह करने वाला बताया।
दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर लिखा कि ईरान की बाधाओं के बावजूद फारस की खाड़ी से तेल निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि ईरान की धमकियां वैश्विक बाजारों तक ऊर्जा की आपूर्ति रोकने में नाकाम रही हैं।
तुर्किये में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस वीकेंड ईरान पर अमेरिकी हमला हो सकता है, हालांकि ट्रंप अभी भी राजनयिक समझौते के लिए तैयार हैं। बैरक ने बताया कि पाकिस्तान और कतर सहित क्षेत्रीय देशों के साथ बातचीत चल रही है। इस चर्चा में यूरेनियम संवर्धन, प्रतिबंधों में ढील, ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने और इजरायल के प्रति सुरक्षा प्रतिबद्धताओं जैसे मुद्दे शामिल हैं।