ईरान की बड़ी धमकी: मांगें पूरी होने तक बंद रहेगा Strait of Hormuz

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz closure को लेकर ईरान ने एक बड़ा दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद रजा नकदी ने 7 अक्टूबर, 2026 को घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरानी सशस्त्र बलों के नियंत्रण में है और यह बंद रहेगा। नकदी के मुताबिक, यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक ईरान की 'वैध मांगों' को पूरा नहीं कर लिया जाता।
ईरान ने इस समुद्री गलियारे को फिर से खोलने के लिए कई कड़ी शर्तें रखी हैं। इनमें लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध का अंत, नौसैनिक नाकाबंदी और प्रतिबंधों को हटाना, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों की वापसी और युद्ध मुआवजे का भुगतान शामिल है। इसके अलावा, ईरान चाहता है कि उसके यूरेनियम समृद्ध करने के अधिकार को मान्यता दी जाए, पूरे क्षेत्र में पूर्ण युद्धविराम हो और अमेरिका इस इलाके से अपनी सेना वापस बुला ले। ईरान का यह भी दावा है कि वह ओमान के सहयोग से इस जलमार्ग का शासन चलाने का हक रखता है और इसमें अमेरिकी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
जहाँ एक तरफ ईरान इसे बंद बता रहा है, वहीं अमेरिका ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एथेंस से बोलते हुए कहा कि Strait of Hormuz खुला है और तेहरान ने इस जलमार्ग पर अपना 'पूर्ण नियंत्रण खो दिया' है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तेल का प्रवाह लगभग युद्ध-पूर्व स्तर पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया कि यदि तेहरान यूरेनियम संवर्धन को कम करने के लिए सार्थक कदम उठाता है, तो परमाणु संवर्धन संबंधी मांगों में ढील दी जा सकती है। हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ईरान यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा।
तनाव के बीच IRGC ने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास हमले की तीसरी वर्षगांठ पर एक बयान जारी कर इसे इजरायली अजेयता के मिथक पर एक बड़ा प्रहार बताया। साथ ही, उन्होंने जलमार्ग के प्रबंधन को अमेरिका के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में पेश किया। इस बीच, सुरक्षा स्थिति और भी चिंताजनक होती जा रही है क्योंकि यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने केवल अक्टूबर महीने में ही इस क्षेत्र में टैंकरों पर नौ हमलों की रिपोर्ट दी है।