Strait of Hormuz: ईरान का दावा, चार तेल टैंकरों को लगी बारूदी सुरंगों से आग

ईरान के IRGC ने दावा किया है कि Strait of Hormuz में समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से चार तेल टैंकरों में आग लग गई।

Gautam Sahu31 October 20262 min read0 viewsWorld
Strait of Hormuz: ईरान का दावा, चार तेल टैंकरों को लगी बारूदी सुरंगों से आग

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि Strait of Hormuz में समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से चार तेल टैंकरों में आग लग गई। 30 और 31 अक्टूबर, 2026 को जारी बयान में तेहरान के अधिकारियों ने बताया कि ये जहाज 'अनधिकृत रास्तों' पर चल रहे थे और उन्होंने ईरानी सेना की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था।

IRGC के मुताबिक, इन टैंकरों ने अपनी पोजिशनिंग और नेविगेशन प्रणालियों को बंद कर दिया था। आरोप है कि ये जहाज अमेरिकी सैन्य समर्थन के साथ जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। ईरान ने इन घटनाओं के लिए अमेरिकी सेना की 'शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों' और जहाजों द्वारा ईरानी समुद्री नियमों का पालन न करने को जिम्मेदार ठहराया है।

इरानी सेना ने 30 अक्टूबर को जानकारी दी कि एक अन्य टैंकर में प्रतिबंधित क्षेत्र में बारूदी सुरंग लगने के बाद आग लग गई। इससे पहले 29 अक्टूबर को ईरानी नौसेना ने एक अलग तेल टैंकर के सुरंग की चपेट में आने की खबर दी थी। इसके बाद ईरान ने उन जहाजों के लिए जलडमरूमध्य बंद कर दिया जो समन्वय के बिना प्रतिबंधित क्षेत्रों को पार कर रहे थे।

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ईरान का कहना है कि ओमान तट के पास का दक्षिणी कॉरिडोर एक बारूदी सुरंगों वाला अनधिकृत रास्ता है। यह वही रास्ता है जिसे IMO की ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम के तहत रखा गया है, लेकिन तेहरान ने 24 जून, 2026 को इसे खारिज कर दिया था।

दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने 30 अक्टूबर को ईरान के इन दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पारगमन मार्गों से बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं और वाणिज्यिक जहाज स्वतंत्र रूप से चल रहे हैं। CENTCOM ने एक अमेरिकी मानवरहित जहाज के नष्ट होने के आरोपों को भी नकारा है।

IRGC के जनसंपर्क विभाग के उप प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने CENTCOM के आकलन को चुनौती दी है और माइन्सवीपिंग के दावों के लिए स्वतंत्र सबूत मांगे हैं। समुद्री सुरक्षा आंकड़ों के अनुसार, 29 अक्टूबर को पनामा ध्वज वाले टैंकर 'Louise 1' पर दो लिम्पेट माइन्स से हमला हुआ था। वहीं, क्रूड टैंकर 'RITI' में आग लगने के बाद ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने उसके चालक दल को बचाया।

खबरों के मुताबिक, इनमें से एक टैंकर में 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पहले एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराए टैंकर और आग लगकर डूबी एक धो (पारंपरिक नाव) की घटना की रिपोर्ट दी थी।

तनाव के बीच 31 अक्टूबर को एक कतरी प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के लिए बातचीत की राह आसान हो सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 अक्टूबर को कहा कि ईरान बातचीत में दिलचस्पी रखता है और अमेरिका पर फिलहाल कोई समय का दबाव नहीं है। वहीं, Ynet की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी मध्यावधि चुनावों के बाद अमेरिका द्वारा फिर से हमले किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

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