आर्मेनिया में बातचीत के दौरान ईरान ने अमेरिका की क्षेत्रीय मौजूदगी पर जताई चिंता और कहा कि यह सुरक्षा के लिए खतरा है

येरेवन: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 16 अक्टूबर 2026 को येरेवन में स्पष्ट किया कि तेहरान अपने आसपास के क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी सैन्य या रणनीतिक मौजूदगी को लेकर काफी चिंतित है। उन्होंने विशेष रूप से दक्षिण काकेशस में अमेरिका के हस्तक्षेप पर अपनी संवेदनशीलता जाहिर की।
अराघची ने 'ट्रम्प रूट फॉर इंटरनेशनल पीस एंड प्रॉस्परिटी' (TRIPP) प्रोजेक्ट से होने वाले संभावित खतरों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईरान को आर्मेनिया पर भरोसा है और तेहरान वहां के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि कोई भी क्षेत्रीय कदम ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा न बने।
इसी राजनयिक दौरे के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन भी येरेवन पहुंचे। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करने के लिए आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
दूसरी तरफ, तेहरान में घरेलू स्तर पर अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख देखा गया। अंतरिम फ्राइडे प्रेयर लीडर अयातुल्ला सैयद अहमद खतमी ने अमेरिकी अधिकारियों की हालिया टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब तक वॉशिंगटन अपनी सभी शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयां बंद नहीं करता, ईरान प्रतिरोध का अपना रास्ता जारी रखेगा।
खतमी ने यह दावा भी किया कि अमेरिकी नौसेना की ताकतें ईरानी क्षेत्र से कई सौ किलोमीटर पीछे हट गई हैं। इसी बात को दोहराते हुए ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया ने बताया कि तेहरान ने नई ऑपरेशनल योजनाएं तैयार की हैं।
अकरामिनिया के मुताबिक, इन योजनाओं का मकसद अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को ईरानी तट से और दूर धकेलना है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य जहाज पहले ही ईरानी तटों से 500 किलोमीटर से अधिक पीछे हट चुके हैं।
इसके साथ ही प्रवक्ता ने व्यावसायिक शिपिंग ऑपरेटरों को चेतावनी दी है। उन्होंने सलाह दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित करने के लिए सभी जहाजों की आवाजाही का समन्वय ईरानी सशस्त्र बलों के साथ किया जाए।