Iran ने दी कड़ी चेतावनी, कहा इसराइल लेबनान में पार कर रहा है सीमा, बढ़ गया क्षेत्रीय तनाव

मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और लेबनान में इसराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह बयान जारी किया है कि इसराइल अपने सैन्य अभियानों में किसी भी तरह की सीमा को नहीं मान रहा है और वह लेबनान की धरती पर लगातार कब्जा बढ़ाता जा रहा है। Al Jazeera English की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 सितंबर 2026 को सामने आए इस बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज कर दी है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
लेबनान के अंदर सैन्य गतिविधियों और हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। लेबनानी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हुए इसराइली हवाई हमलों में 7 लोगों की मौत हो गई। ये हमले कथित तौर पर हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए थे। इसके बाद, इसराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने हिजबुल्लाह की ड्रोन गतिविधियों का हवाला देते हुए 7 सितंबर 2026 को दीर अजहरानी गांव के लिए खाली करने का आदेश जारी किया, जिससे वहां बड़े सैन्य अभियान की आशंका बढ़ गई है। इसके साथ ही, इसराइली सेना ने अली अल-ताहर रिज पर अपना ऑपरेशनल कंट्रोल हासिल करने की पुष्टि की है। सेना के इंजीनियरों का दावा है कि उन्होंने वहां एक भूमिगत सुरंग नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है, जिसे कथित तौर पर पिछले दो दशकों से ईरान की मदद से तैयार किया गया था। इसराइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने पहले ही 21 जून 2026 को स्पष्ट कर दिया था कि सेना लेबनान के भीतर बनाए गए 10 किलोमीटर के सुरक्षा दायरे से पीछे नहीं हटेगी।
ईरान की सीधी प्रतिक्रिया और कूटनीतिक फैसले
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान ने भी तीखा रुख अपनाते हुए सीधे तौर पर कूटनीतिक और सैन्य धमकियां दी हैं। तेहरान ने लेबनान और गाजा में इसराइली सैन्य कार्रवाइयों के विरोध में अमेरिका के साथ चल रही संघर्ष विराम यानी सीजफायर वार्ता को फिलहाल निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अली अल-ताहर रिज पर स्थित उसके सैन्य कर्मियों या ठिकानों पर कोई भी इसराइली हमला हुआ, तो उसका बहुत कड़ा और बलपूर्वक जवाब दिया जाएगा। अपनी रणनीति के तहत, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक एक्सक्लूजन जोन यानी प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की घोषणा की है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रोकने की धमकी भी दी है। यह कदम जून 2026 में इसराइल पर किए गए उन मिसाइल हमलों के बाद उठाया गया है जो हिजबुल्लाह पर हमलों के बदले में किए गए थे।
राजनीतिक स्तर पर, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian का कहना है कि पश्चिमी, यूरोपीय और अमेरिकी देशों से मिल रहे भारी समर्थन के कारण हिजबुल्लाह को इसराइल के मुकाबले कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 7 सितंबर 2026 को अपने बयान में कहा कि ईरानी शासन का अंत अब बहुत करीब है। साल 2023 से लेबनान में चल रहे इस संघर्ष में अब तक लगभग 9,000 लोगों की जान जा चुकी है। ओमान और अमेरिका के माध्यम से शांति स्थापित करने के तमाम कूटनीतिक प्रयास फिलहाल ठप पड़े हैं और पूरा क्षेत्र एक गंभीर मोड़ पर खड़ा है।