अमेरिका ने ईरान के कमर्शियल जहाजों पर किए नेवल स्ट्राइक, ईरान ने इसे बताया युद्ध अपराध और बड़ी धमकी.

खाड़ी देशों के समुद्र में तनाव उस समय और ज्यादा बढ़ गया जब 5 सितंबर 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सेना की तरफ से किए गए हमलों पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई। ईरान ने इन हमलों को पूरी तरह से गैर-कानूनी और आक्रामक बताते हुए इसे एक गंभीर युद्ध अपराध करार दिया है। मंत्रालय की तरफ से साफ कहा गया कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय शांति और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। ईरान का यह भी कहना है कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2, पैराग्राफ 4 का सीधा उल्लंघन है, जिससे आने वाले दिनों में समुद्री व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है।
किन जहाजों को बनाया गया निशाना और क्या है अमेरिकी पक्ष
अमेरिकी सेना की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक इस कार्रवाई में ईरान के तीन बड़े कच्चे तेल के टैंकरों को या तो पूरी तरह तबाह कर दिया गया या फिर उन्हें हमेशा के लिए बेकार कर दिया गया है। इन जहाजों में खर्ग द्वीप के पास मौजूद M/T Downy, जास्क के पास का M/T Stark 1 और ओमान की खाड़ी में मौजूद M/T Kylo शामिल हैं। इसके अलावा कुछ दिन पहले Sinopa और Hawk नाम के टैंकरों पर भी हमले की खबरें सामने आई थीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इन हमलों के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC की तरफ से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और एक गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले का जवाब थी। हालांकि उस अमेरिकी जहाज पर हुए हमले में किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं आई थी।
अमेरिका और ईरान की तरफ से आगे की कड़ी चेतावनियां
CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाए जाने पर अमेरिका भविष्य में भी कड़ा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान की तरफ से कोई भी उकसावे की कार्रवाई होती है तो अमेरिका उनके हर एक जहाज के बदले में उनके तीन जहाजों को नष्ट कर देगा। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी इस बात का समर्थन किया और ईरान के टैंकर बेड़े को पूरी तरह से रक्षाहीन बताते हुए आगे भी ऐसे हमले जारी रखने की बात कही। अमेरिका का मानना है कि ये जहाज एक शैडो नेटवर्क का हिस्सा हैं जिसके जरिए IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को फंडिंग की जाती है।
ईरान का पलटवार और चालक दल की सुरक्षा
इस पूरे मामले पर ईरान के खातम अल-अनिबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की तरफ से किसी भी तरह की नेवल नाकाबंदी या लगातार परेशान करने वाली कार्रवाई जारी रही, तो वे अमेरिकी सैन्य जहाजों के खिलाफ और भी बड़े और गंभीर हमले करेंगे। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रभावित जहाजों पर काम करने वाले सभी नाविकों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाकर लाइफबोट के जरिए किनारे पर ले आया गया है। यह पूरा मामला 28 फरवरी 2026 से चल रहे आपसी विवाद का हिस्सा है, जिससे दोनों देशों के बीच समुद्री संप्रभुता और आर्थिक जंग को लेकर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।